व्यापार युद्ध के बढ़ते भय के कारण घरेलू बाजार में कॉटन वायदा की कीमतों की तेजी पर रोक जारी रह सकती है।
एसएमसी कमोडिटी की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में नरमी का रुझान है और इसकी कीमतें 22,300 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 21,500 रुपये तक लुढ़क सकती हैं।
कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में नरमी का रुझान बरकरार रहने की संभावना है।
उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली के कारण कॉटन वायदा (नवंबर) की कीमतों में पिछले सप्ताह गिरावट हुई है।
कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतें नरमी के रुझान के साथ 19,750-19,950 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं।
कॉटन वायदा (मार्च) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना है और कीमतें 22,100-22,250 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।
कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 21,250-21,550 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के 17,520-17,680 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।