शुक्रवार को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) में मजबूती दर्ज की गयी।
शुक्रवार को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) में कमजोरी दर्ज की गयी।
कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को सत्र के अंतिम घंटे में बाजार में बिकवाली हुई, जिससे दोनों सूचकांकों ने अपनी बढ़त गँवा दी।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को मजबूत शुरुआत के बावजूद अंत में सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए।
कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को आखरी घंटे में बिकवाली के दबाव से बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
कारोबारी सप्ताह का अंतिम दिन बाजार के लिए शानदार रहा, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, बाटा इंडिया, भारत फाइनेंशियल, कोटक महिंद्रा बैंक, और भारती इन्फ्राटेल सहित 159 शेयरों ने 52 हफ्तों का शिखर छुआ।
कारोबारी सप्ताह के अंतिम शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार पाँचवे दिन भी गिरावट दर्ज की गयी।
कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स सपाट और निफ्टी हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
शुक्रवार को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त आयी।
शुक्रवार को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स में 131 और निफ्टी में 32 अंकों की कमजोरी आयी।
निफ्टी में 17300 के आसपास अच्छा सपोर्ट बनता है। बाजार में एक अप्रत्याशित घटना हुई और इसका असर भी हमें देखने को मिला है। लेकिन इसका मतलब यह कहीं से निकाला जा सकता है कि बाजार धड़ाम हो जायेंगे।
तकनीकी विश्लेषक मानस जायसवाल (Manas Jaiswal) ने शुक्रवार को अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports) और जैन इरिगेशन (Jain Irrigation) में खरीदारी की सलाह दी है।
अविनाश गर्ग, भटिंडा: मेरे पास अदाणी विल्मर (Adani Wilmar) के 65 शेयर 777 रुपये के भाव पर हैं, दो-तीन महीने के लिये खरीदे हैं। आपकी सलाह क्या है?
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में मंगलवार (04 जून) को उम्मीद से कम सीटें मिलने के संकेत के बाद भारतीय शेयर बाजार धड़ाम हो गये। इससे एक तरफ जहाँ बाजार के ज्यादातर शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी, वहीं अदाणी समूह की ज्यादातर कंपनियों के स्टॉक में लोअर सर्किट लग गया। इसे समूह की कुल पूँजी में 3.64 लाख करोड़ रुपये डूब गये।
शेयर बाजार में आज आयी भारी गिरावट क्या केवल अदाणी समूह से संबंधित है या इस गिरावट के पीछे कुछ अन्य कारण भी हैं? पर क्या यह गिरावट निवेशकों के लिए नये अवसर ला रही है? आइए, देखते हैं कि बाजार के बड़े जानकार इस बारे में क्या कह रहे हैं।
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से शुरू हुई अदाणी समूह की मुसीबतें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। दैनिक भास्कर समूह की कंपनी डीबी पावर से उसके दो बिजली संयंत्र सात हजार सत्रह करोड़ रुपये के मूल्य पर खरीदने का अदाणी पावर का सौदा रद्द हो गया है।
अदाणी समूह पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद इस समूह की तीन कंपनियों के स्टॉक अतिरिक्त निगरानी उपाय (Additional Surveillance Measures) की श्रेणी में डाल दिये गये हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने गुरुवार (02 फरवरी) को समूह की कंपनियों के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह कदम उठाया है। सेबी के इस कदम पर बाजार जानकार बसंत माहेश्वरी का कहना है कि कंपनी के शेयरों को एएसएम में डालने से कंपनी के फंडामेंटल पर या उसके ऋण अदायगी पर कोई असर नहीं होने वाला है।
सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें अदानी पावर के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
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आयकर अधिनियम (इनकम टैक्स ऐक्ट), 1961 की जगह आयकर अधिनियम 2025 ने ले ली है। इस नये कानून के नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।
मार्च के शुरुआती 3 सप्ताहों में भारतीय शेयर बाजार 8% से ज्यादा टूट चुका है। और यह गिरावट एक ऐसे युद्ध के चलते आयी है, जिसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है।