शेयर मंथन में खोजें

एमसीएक्स बाजार में सोना-चांदी की कीमत में तेजी या गिरावट, विशेषज्ञों की राय

पिछले कुछ दिनों से सोने की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई हैं। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि सोने और चांदी की कीमतों में आगे क्या होने की संभावना है?

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि एमसीएक्स पर यह लगभग 1,09,000–1,10,000 रुपये के दायरे में कारोबार कर रहा है। यह स्तर एक तरह के कंसोलिडेशन (स्थिरता) को दर्शाता है। 1,10,000 रुपये के आसपास सोना मजबूत सपोर्ट बनाए हुए है और यहां से बड़े करेक्शन की संभावना फिलहाल कम दिख रही है। सोने के दामों में यह मजबूती वैश्विक कारणों से भी जुड़ी है। दुनिया के कई सेंट्रल बैंक लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं, जिससे लंबे समय में इसकी मांग बढ़ने की संभावना है। डॉलर पर निर्भरता कम करने की प्रक्रिया यानी डी-डॉलराइजेशन भी सोने की कीमतों को सहारा दे सकती है। अगर व्यापार में डॉलर का वर्चस्व घटता है तो सोने को रिज़र्व एसेट के रूप में अधिक प्राथमिकता मिल सकती है। सोना एक हार्ड एसेट के रूप में निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्थिरता लाता है। दीर्घावधि (लॉन्ग टर्म) निवेशक अगर समझदारी से कदम रखें तो इस चक्र में सोने से अच्छे रिटर्न मिलने की संभावना है। हालांकि, अल्पावधि में उतार-चढ़ाव और कंसोलिडेशन के लिए तैयार रहना होगा।


(शेयर मंथन, 22 सितंबर 2025)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ फंड - निवेश मंथन (मई 2026)

    पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है। 

  • युद्ध, तेल संकट और महँगाई : सरकार क्यों दिखा रही बचत की राह - निवेश मंथन (अप्रैल 2026)

    प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययिता की अपील ने देश में खतरे की घंटी बजा दी है। सरकार हाल तक “सब ठीक है” का भरोसा दिला रही थी, पर अब प्रधानमंत्री ने पूरे देश को एकजुट होकर संकट का सामना करने का संदेश दे दिया है। 

देश मंथन के आलेख