यह बजट लोक-लुभावना तो हो नहीं सकता
मधुरेंद्र सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार
नया साल आते ही सभी के जेहन में बजट कौंधने लगता है। उस पर चर्चा शुरू हो जाती है, विद्वान तर्क-वितर्क देने लगते हैं।
मधुरेंद्र सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार
नया साल आते ही सभी के जेहन में बजट कौंधने लगता है। उस पर चर्चा शुरू हो जाती है, विद्वान तर्क-वितर्क देने लगते हैं।
अभीक बरुआ
मुख्य अर्थशास्त्री, एचडीएफसी बैंक
साल 2018-19 का बजट (Budget) कई लिहाज से काफी दिलचस्प रहेगा। यह संभवतः 2019 के चुनाव से पहले का अंतिम बजट होगा। यह साल भी राज्य विधान सभा चुनावों के लिहाज से काफी व्यस्त साल होगा।
बजट 2023-24 को लेकर बाजार विशेषज्ञ काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। वित्त एवं कॉर्पोरेट मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार (01 फरवरी) को अपने कार्यकाल का पाँचवाँ बजट पेश किया। इस बजट को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने हाल के वर्षों में पेश सर्वश्रेष्ठ बजट बताया है।
उदय कोटक, अध्यक्ष, सीआईआई
अपूर्व बजट प्रस्तुत करने के अपने वादे को पूरा करते हुए वित्त मंत्री ने कई विवेकपूर्ण उपायों की घोषणा की है, जिनका उद्देश्य बुनियादी ढाँचे का विस्तार, शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सरकारी खर्च को नये उत्साह के साथ बढ़ाना है।
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने संसद में अपना बजट भाषण शुरू कर दिया है।