शेयर मंथन में खोजें

विशेषज्ञ से जानें निफ्टी फार्मा में आगे क्या होगा, निवेशकों के लिए सुरक्षित है या नहीं?

फार्मा सेक्टर को लेकर फिलहाल बाजार में काफी चर्चा है और निवेशकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब इस सेक्टर से बाहर निकलना चाहिए या इसमें टिके रहना चाहिए। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है? 

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि फार्मा सिर्फ दवाइयाँ बनाने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अस्पताल, हेल्थकेयर सेवाएँ, डायग्नोस्टिक्स और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसी कई शाखाएँ शामिल हैं। भारत में हेल्थकेयर की मांग लगातार बढ़ रही है और अस्पतालों की क्षमता सालाना लगभग 15% की दर से बढ़ रही है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले वर्षों में इस सेक्टर की ग्रोथ संभावनाएँ मजबूत बनी रहेंगी। हालाँकि, फार्मा सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती लागत का दबाव है। फार्मा कंपनियाँ और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियाँ अक्सर कीमतों को लेकर संघर्ष में रहती हैं। इसके बावजूद, लंबे समय में दवाइयों और हेल्थकेयर सेवाओं की मांग बनी रहने वाली है। अभी इस सेक्टर में कई स्टॉक्स पहले से ही करेक्शन झेल चुके हैं, और उनके भाव में संभावित गिरावट (10-15%) काफी हद तक समा चुकी है। इसलिए यहाँ से नीचे जाने की संभावना सीमित है। 


(शेयर मंथन, 02 अक्टूबर 2025)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ फंड - निवेश मंथन (मई 2026)

    पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है। 

  • युद्ध, तेल संकट और महँगाई : सरकार क्यों दिखा रही बचत की राह - निवेश मंथन (अप्रैल 2026)

    प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययिता की अपील ने देश में खतरे की घंटी बजा दी है। सरकार हाल तक “सब ठीक है” का भरोसा दिला रही थी, पर अब प्रधानमंत्री ने पूरे देश को एकजुट होकर संकट का सामना करने का संदेश दे दिया है। 

देश मंथन के आलेख