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सलाह

चेन्नई प्रटोलियम में लंबी अवधि के लिए निवेश अभी सही नहीं : शोमेश कुमार की सलाह

आर के जैन, कोटा: क्या चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (Chennai Petroleum Corporation) मौजूदा स्तर पर खरीद सकते हैं? लंबी अवधि के लिये सुझाव दें।

अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टरों पर रखें नजर- शोमेश कुमार

अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टरों में मेरी धारणा मजबूत हो रही है। इनफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में स्थिति अच्छी नजर आ रही है। एक बात समझनी जरूरी है, बाजार में काफी तेजी है और मुनाफावसूली शुरू हुयी तो हर सेक्टर इसमें शामिल होगा।

Commodity Market: सोने में मुनाफा वसूली जारी, इन स्तरों का रखें ध्यान- शोमेश कुमार

एमसीएक्स पर सोने में अभी मुनाफावसूली जारी है। मगर अब हमें इसमें 51000 के स्तर पर थोड़ ध्यान देना है। इस स्तर के आसपास इसके सारे औसत धड़ाम होंगे।

68 डॉलर तक फिसल सकता है क्रूड ऑयल- शोमेश कुमार

आँकड़ों से मिल रहे संकेत से मुझे लगता है कि क्रूड ऑयल का 82 डॉलर का स्तर टूट जायेगा। यहाँ से फिसलने के बाद अब ये कहाँ जाकर रुकेगा ये कहना मुश्किल है।

पेज इंडस्ट्रीज को किस स्तर पर खरीदना मुनासिब होगा : राजेश अग्रवाल की सलाह

अरुण कुमार श्रीवास्तव, लखनऊ: पेज इंडस्ट्रीज (Page Industries) को कारोबार और निवेश दोनों मकसद से खरीदना चाहता हूँ। निवेश के उद्देश्य से मुझे इसे किस स्तर पर खरीदना चाहिए? क्या यह एक अच्छा निवेश स्टॉक है? सुझाव दें।

79 तक फिसल सकता है डॉलर, जानिये क्यों- शोमेश कुमार

डॉलर इंडेक्स और रुपये का भाव का आपस में गहरा नाता है। डॉलर इंडेक्स का 200 डीएमए छूटेगा तो यूएसडीआईएनआर में रुपया मजबूत होगा। मगर इसके लिए थोड़ा सब्र तो रखना ही पड़ेगा।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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