शेयर मंथन में खोजें

तीन गुने से अधिक रहा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) का शुद्ध घाटा

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) को 2017 की जनवरी-मार्च तिमाही में 591.77 करोड़ रुपये की हानि के मुकाबले 2018 की समान अवधि में तीन गुना से ज्यादा 2,113.51 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।

पीएसयू बैंक के घाटे में जबरदस्त वृद्धि इसकी एनपीए और प्रोविजन बढ़ने के काऱण हुई। साल दर साल आधार पर बैंक की शुद्ध तिमाही एनपीए 367 आधार अंकों की बढ़त के साथ 21.5% और प्रोविजन 106.1% की वृद्धि के साथ 3,971.30 करोड़ रुपये के हो गये।
इसके अलावा बैंक की कुल आमदनी 7,121.05 करोड़ रुपये से % घट कर 6,301.50 करोड़ रुपये और शुद्ध ब्याज आमजनी 12.6% गिर कर 1,499.90 करोड़ रुपये रह गयी, जिससे इसके घाटे में इजाफा हुआ।
बीएसई में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का शेयर कमजोर शुरुआत के बाद हरे निशान में आ गया है। 65.90 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले यह 66.50 रुपये पर खुल कर शुरू में ही लाल निशान में पहुँच गया। सवा 11 बजे के करीब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का शेयर 0.50 रुपये या 0.76% की वृद्धि के साथ 66.40 रुपये पर चल रहा है। (शेयर मंथन, 18 मई 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख