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जनवरी 2017

मजबूत कंपनियाँ बढ़ सकती हैं कई गुना

jitendra pandaजितेंद्र पांडा
एमडी एवं सीईओ, पीयरलेस सिक्योरिटीज
साल 2016 में ठहराव (कंसोलिडेशन) और सर्जिकल सुधारों के बाद हम ऐसे तार्किक मूल्यांकन पर हैं, जहाँ से एक नये शिखर तक पहुँचने की उछाल शुरू हो सकती है।

कंपनियों की आय पर 2-3 तिमाहियों तक असर

neeraj dewanनीरज दीवान
निदेशक, क्वांटम सिक्योरिटीज
बाजार की भविष्य की दिशा इस बात से तय होगी कि नोटबंदी की अवधि पूरी होने के बाद कैसी स्थिति उभरती है और बजट में क्या सामने आता है।

आकर्षक मूल्यांकन पर है बाजार

अमित भागचंदका
ग्रुप सीईओ, आर.के. ग्लोबल
मौजूदा मूल्यांकन पर भारतीय शेयर बाजार आकर्षक लग रहा है।

एफआईआई बिकवाली पर है चिंता

Anita Gandhiअनीता गांधी
निदेशक, अरिहंत कैपिटल मार्केट्स
उभरते हुए देशों में भारत अब भी सितारा बना हुआ है।

निवेश के लिए यह उपयुक्त समय

avinnash gorakssakarअविनाश गोरक्षकर
रिसर्च प्रमुख, मनीलिशियस
एफआईआई की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की उच्च कीमतें और वित्त वर्ष 2017-18 की पहली छमाही में कंपनियों की आमदनी में सुस्ती की आशंका भारतीय बाजार की मुख्य चिंताएँ हैं।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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