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पश्चिम बंगाल में उत्पादन इकाई शुरू करेगी आईटीसी

अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनी आईटीसी पश्चिम बंगाल में उत्पादन इकाई शुरू करेगी। राज्य में कंपनी की यह 20वीं उत्पादन इकाई होगी। कंपनी राजारहट इलाके में ग्रीन बिल्डिंग बनाएगी जो कंपनी की सब्सिडियरी आईटीसी इंफोटेक का कार्यालय होगा।

एचडीएफसी कैपिटल में 10 फीसदी हिस्सा बेचेगी एचडीएफसी

एचडीएफसी लिमिटेड अपने प्राइवेट इक्विटी सब्सिडियरी एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्स में 10 फीसदी हिस्सा बेचेगी। कंपनी यह हिस्सा 184 करोड़ रुपए में बेचेगी।

उत्पादों के वितरण के लिए ईवी का इस्तेमाल करेगी कंपनी

एफएमसीजी कंपनी डाबर उत्पादों के वितरण के लिए बिजली से चलने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करेगी। कंपनी की उत्पाद वितरण के लिए बिजली से चलने वाली 100 गाड़ियों के इस्तेमाल में लाने की योजना है। कंपनी अगले 12 महीने में इस योजना को अमलीजामा पहनाने का काम करेगी।

कंपनी की अगले दो वित्तीय वर्ष में 6 प्रोजेक्ट उतारने की योजना

अजमेरा रियल्टी एंड इंफ्रा की बाजार में 6 प्रोजेक्ट उतारने की योजना है। कंपनी इन 6 प्रोजेक्ट को अगले दो वित्तीय वर्ष के दौरान बाजार में लाएगी। कंपनी का यह प्रोजेक्ट मुंबई और पुणे में होगा। साथ ही कंपनी को इस प्रोजेक्ट से करीब 4000 करोड़ रुपए की आय का अनुमान है।

माइनिंग सर्विस के लिए थेइस के साथ करार

टाटा स्टील ने ऑस्ट्रेलिया की थेइस (Thiess) के साथ करार किया है। यह करार माइन्स के क्षेत्र में तकनीकी सेवाएं मुहैया कराने के लिए किया है। आपको बता दें कि थेइस (Thiess) ऑस्ट्रेलिया की माइन्स से जुड़ी सेवाएं मुहैया कराती है। इस करार के तहत कंपनी एक्सप्लोरेशन, रिसोर्स आंकलन और माइन प्लानिंग की सेवाएं भारत के अलावा विदेशों में भी मुहैया कराएगी।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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