शेयर मंथन में खोजें

इन्फोसिस में गिरावट से टूटा बाजार, सेंसेक्स 270 अंक कमजोर

लगातार तीन दिन चढ़ने के बाद कारोबारी सप्ताह के अंतिम शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गयी।

वैश्विक बाजारों और सूचकांकों की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस में गिरावट का नकारात्मक असर बाजार पर देखा गया। इन्फोसिस में गिरावट का एकमात्र कारण इसके प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का का अपने पदों से इस्तीफा देना है। सुबह सेंसेक्स ने गुरुवार के 31,795.46 के बंद स्तर के मुकाबले 31,729.88 पर शुरुआत की और कारोबार के अंत में 270.78 अंक या 0.85% की कमजोरी के साथ 31,524.68 पर बंद हुआ। आज इसका उच्च स्तर भी 31,729.88 और निचला स्तर 31,349.13 रहा। इसके अलावा एनएसई का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 66.75 अंक या 0.67% की गिरावट के साथ 9,837.40 पर बंद हुआ। सत्र के मध्य में निफ्टी का उच्च स्तर 9,865.95 रहा, जबकि यह नीचे की ओर 9,783.65 तक फिसला। आज इंडिया वीआईएक्स (VIX) सूचकांक 1.60% की मजबूती के साथ 14.5700 पर बंद हुआ। बीएसई में केवल 994 शेयर मजबूती और 1,543 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स के 121 शेयर सपाट बंद हुए। दूसरी ओर बाजार के छोटे-मंझोले सूंचकांकों में भी कमजोरी दर्ज की गयी। बीएसई मिडकैप में 0.13% और बीएसई स्मॉल कैप में 0.49% की गिरावट आयी। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 0.45% और निफ्टी स्मॉल 100 0.42% कमजोरी के साथ बंद हुए।
आज के कारोबार में सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर में 2.23%, पावर ग्रिड में 1.85%, टीसीएस में 1.32%, भारती एयरटेल में 1.21%, आईटीसी में 0.84% और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.60% की मजबूती आयी। गिरने वाले शेयरों की बात करें तो इन्फोसिस में 9.60%, सन पार्मा में 3.81%, एनटीपीसी में 2.01%, एचडीएपसी में 1.60%, कोल इंडिया में 1.52% और ल्युपिन में 1.40% की गिरावट आयी। निफ्टी 50 के 51 शेयरों में से 25 शेयर तेजी और 26 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं बीएसई के 31 शेयरों में से 10 शेयर हरे और 21 शेयर लाल निशान में रहे। (शेयर मंथन, 18 अगस्त 2017)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख