शेयर मंथन में खोजें

तीसरी तिमाही में एसजेवीएन (SJVN) का मुनाफा 22 फीसदी बढ़ा

पावर उत्पादन करने वाली सरकारी कंपनी सतलज जल विद्युत निगम यानी एसजेवीएन (SJVN) के कंसोलिडेटेड मुनाफे में 22 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। तीसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 235.46 करोड़ रुपये से बढ़कर 287.42 करोड़ रुपये हो गया है।

 कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी के पीछे आय में वृद्धि रही है। वहीं कंपनी की आय पिछले साल के 610.45 करोड़ रुपये के मुकाबले 711.24 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी ने 1.15 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। अंतरिम डिविडेंड की रिकॉर्ड तारीख 17 फरवरी तय की गई है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अप्रैल-दिसंबर के दौरान मुनाफा 1,349.48 करोड़ रुपये हो गया है जो कि पिछले साल के समान अवधि की तुलना में 37.98 फीसदी अधिक है। सतलज जल विद्युत निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने कहा कि तीसरी तिमाही में स्टैंडअलोन मुनाफा 25.06 फीसदी बढ़कर 232.67 करोड़ रुपये से बढ़कर 290.98 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के कारोबार में वृद्धि की बड़ी वजह सभी ऑपरेटिंग इकाई के बेहतर इस्तेमाल होना रहा। कंपनी का फोकस लगातार क्षमता विस्तार पर है। तीसरी तिमाही के अंत तक कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर 14,261.09 करोड़ रुपये हो गई है। इसके अलावा आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने हिमाचल प्रदेश में 382 मेगा वाट के सुन्नी डैम हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर 2,614 करोड़ रुपये के निवेश को भी मंजूरी मिली है।

(शेयर मंथन, 06 फरवरी 2023)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख