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वो चुनिंदा एफडी जो आयकर के बोझ को कर देगी कम! जानिये

पिछले कुछ महीनों से शेयर बाजार में जारी अस्थिरता के कारण निवेशक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और स्थायी रिटर्न के विकल्पों को तलाश रहे हैं। शेयर बाजार की जगह अगर आप सुरक्षित प्रतिफल के साथ कर बचत भी चाहते हैं, तो टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट भी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

विदेश में नौकरी के सपने दिखाकर युवाओं को साइबर स्‍लेव बना रहा अंतरराष्ट्रीय माफिया 

देश में बढ़ते साइबर अपराध सिर्फ आर्थिक रूप से चोट नहीं पहुँचाते बल्कि, कई बार इसमें जान पर भी बन आती है। वहीं, अब कुछ ऐसे भी जालसाजी के मामले सामने आ रहे हैं जिनमें विदेश में नौकरी और अधिक रुपये कमाने की चाहत रखने वालों को शिकार बनाया जा रहा है।

डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन में इजाफा, जनवरी 2025 तक 2,330 लाख करोड़ के हुए लेनदेन

देश में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि डिजिटल लेनदेन में जोरदार उछाल देखने को मिल रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में इस साल जनवरी तक यूपीआई समेत डिजिटल भुगतान लेनदेन रिकॉर्ड 18,120 करोड़ से ज्यादा का हो गया है। इस दौरान लेनदेन का मूल्य 2,330 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। संसद में एक सवाल के जवाब में सरकार की तरफ से यह जानकारी साझा की गयी है।

रुपये को मजबूत करने के लिए आरबीआई ने झोंक दिये इतने डॉलर, सरकार ने सदन में दिया जवाब

बीते कई महीनों से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) रुपये की गिरावट को थामने के लिए प्रयासरत है। सरकार ने डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट को थामने के लिए केंद्रीय बैंक द्वारा किये गये प्रयासों की जानकारी संसद में दी।  

एयरटेल ने स्टारलिंक को भारत लाने के लिए स्पेस एक्स के साथ किया करार

भारती एयरटेल और एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स के बीच हुए करार के बाद देश के इंटरनेट की दुनिया में क्रांति आने की उम्मी की जा रही है। एयरटेल ने नियामकीय फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। इस करार के साथ स्टार लिंक का भारत में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। सरकार अगर इसे मंजूरी दे देती है तो कंपनी एयरटेल के साथ मिलकर अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को भारत में लॉन्च कर पाएगी।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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