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जनवरी में एसीसी का सीमेंट उत्पादन बढ़ा

देश में मंदी की छाया के अनुमानों को धता बताते हुए दिग्गज सीमेंट कंपनी एसीसी ने जनवरी 2009 में 18.7 लाख टन सीमेंट का उत्पादन किया है। पिछले साल के जनवरी महीने में कंपनी ने 16.7 लाख टन सीमेंट का उत्पादन किया था। इस अवधि में एसीसी द्वारा किये गये सीमेंट डिस्पैच की मात्रा भी बढ़ी है।

सेंसेक्स ने शुरुआती बढ़त गँवायी

11.26: सेंसेक्स ने अपनी शुरुआती बढ़त गँवा दी है और लाल निशान में चला गया है। इस समय यह 16 अंक नीचे 9,051 पर है। इससे पहले मजबूत एशियाई संकेतों के मद्देनजर भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार के कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और सेंसेक्स ऊपर की ओर 9,225 तक चला गया था। इस समय बीएसई एफएमसीजी सूचकांक को छोड़ कर बाकी सभी क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में हैं। कल के कारोबार में 10% से अधिक की गिरावट सहने वाले रियल्टी सूचकांक में 5% की गिरावट है।  डीएलएफ में करीब 10% की कमजोरी है।

निफ्टी 2,680-2,870 के बीच रहने की उम्मीद

salil sharmaसलिल शर्मा, पार्टनर, कपूर शर्मा एंड कंपनी

निफ्टी में आज के कारोबार के लिए पहले 2,750 पर और उसके बाद 2,680 पर समर्थन है। इसे ऊपर की ओर 2,810 और फिर 2,870 पर बाधा का सामना करना पड़ सकता है। आज निफ्टी का दायरा 2,680-2,870 का रहने की उम्मीद है।
कल कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों की वजह से भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। रिलायंस में नकारात्मक रुख होने का भी बाजार पर खराब असर पड़ा। बैंकिंग क्षेत्र और रियल्टी क्षेत्र की कमजोरी की वजह से भी शेयर बाजारों में गिरावट आयी।

खराब आँकड़ों से घबराया डॉव जोंस

सोमवार को सामने आये खराब आर्थिक आँकड़ों के बाद डॉव जोंस में कमजोरी देखी गयी और यह 64 अंक गिर कर 8,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे चला गया। हालाँकि नैस्डैक कंपोजिट में 1.2% की मजबूती रही। आज मंगलवार की सुबह एशियाई शेयर बाजारों में हल्की तेजी का रुख है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में लोगों के व्यक्तिगत खर्च में 1% की कमी आयी।

फिर चल पड़ी गाड़ी?

राजीव रंजन झा

जब किसी गाड़ी का इंजन चालू होने में दिक्कतें दे रहा हो, तो आप आशा-निराशा के बीच झूलते रहते हैं। जब इंजन चालू होने जैसी आवाजें देता है तो आपकी उम्मीदें बढ़ जाती हैं। जब दो-चार झटके देकर इंजन शांत पड़ जाता है तो आपकी उम्मीदें भी ठंडी पड़ जाती हैं। कुछ यही हाल इस समय भारत के ऑटो क्षेत्र का है।
नवंबर-दिसंबर की बिक्री के आँकड़ों ने ऑटो क्षेत्र को बुरी तरह निराश किया था। अब जनवरी के आँकड़ों ने फिर से कुछ उम्मीदें जगा दी हैं। जनवरी में मारुति की घरेलू बिक्री साल-दर-साल 5.6% बढ़ी है, यह बीते नवंबर और दिसंबर की मासिक बिक्रियों से तो ज्यादा है ही। सबसे खास बात यह है कि कंपनी के 25 वर्षों के इतिहास में यह अब तक की सबसे ऊँची मासिक बिक्री है। इसे क्या कहेंगे – मंदी, धीमापन?

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