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2023 में आवासीय बिक्री ने छुआ आसमान, टॉप 7 शहरों में दिखी 31% सालाना वृद्धि : एनारॉक रिपोर्ट

भारत के आवासीय क्षेत्र के लिए साल 2023 बेहतरीन रहा। साल की शुरुआत में होम लोन पर ब्याज दरें बढ़ने के बावजूद देश के सात शहरों में आवासीय बिक्री ने आसमान छुआ।

खाद्यान्न पैकेजिंग के लिए जूट की 100 फीसदी अनिवार्यता को कैबिनेट की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने शुक्रवार को जूट बैग के इस्तेमाल के नियमों को मंजूरी दी है।

लगातार 5वीं बार ब्याज दरों में बदलाव नहीं,रेपो रेट 6.50% पर बरकरार

6 दिसंबर से चल रही तीन दिवसीय बैठक के आखिरी दिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी (MPC) यानी मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने ब्याद दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। आरबीआई ने रेपो रेट 6.50% पर बरकरार रखने का फैसला किया है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने पहला डिजिटल रूपे क्रेडिट कार्ड पेश किया

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने यूपीआई इस्तेमालकर्ताओं को ध्यान में रखते हुए पहला डिजिटल रूपे क्रेडिट कार्ड पेश किया है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक क्रेडिट कार्ड के ग्राहक इसके अलावा डजिटल कार्ड की सुविधा का इस्तेमाल कर पायेंगे। इसमें सामान्य यूपीआई लेन-देन करने के साथ ही क्रेडिट कार्ड की सुविधाओं का लाभ भी उठाया जा सकता है।

देश के टॉप 7 शहरों में तीन साल में 33% बढ़ गये प्रॉपर्टी के दाम : एनारॉक रिसर्च

आवास क्षेत्र में जबरदस्त माँग की बदौलत देश के टॉप 7 शहरों के प्रमुख माइक्रो मार्केट्स में औसत आवासीय कीमतों में महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिली है। यह इजाफा अक्तूबर 2020 के आखिर से 2023 की समान अवधि के बीच दर्ज किया गया है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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