शेयर मंथन में खोजें

आज भी हरे निशान में Gift Nifty, तेजी में खुल सकते भारतीय बाजार

भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार (15 सितंबर) को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत करने के आसार नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 18.5 अंकों की बढ़त नजर आ रही है और यह 0.09% के अंतर के साथ 20,236 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

साप्ताहिक निपटान के दिन उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स 52, निफ्टी 33 अंक चढ़ कर बंद

अगस्त महीने के महंगाई के आंकड़े जारी होने के बाद अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार देखा गया। डाओ जोंस 70 अंकों की गिरावट के साथ लगातार दूसरे दिन फिसला।

Gift Nifty और वैश्विक संकेतों से आज भी भारतीय बाजार में बढ़त के आसार

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (14 सितंबर) को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत करने के आसार नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 38 अंकों की बढ़त नजर आ रही है और यह 0.19% के अंतर के साथ 20,184 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

निचले स्तर से सुधरकर सेंसेक्स 246 अंक, निफ्टी 77 अंक चढ़ कर बंद

डाओ जोंस पर तीन दिनों से चली आ रही तेजी थम गई है। डाओ जोंस दिन की ऊंचाई से 200 अंक फिसलकर 20 अंक नीचे बंद हुआ। IT शेयरों में कमजोरी से नैस्डैक 1% फिसलकर करीब 150 अंक गिर कर बंद हुआ।

Gift Nifty में धमाकेदार बढ़त, भारतीय बाजार में आज जबरदस्त तेजी के आसार

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (13 सितंबर) को जबरदस्त तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत करने के आसार नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 43.5 अंकों की बढ़त नजर आ रही है और यह 0.22% के अंतर के साथ 20,073.5 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख