हाल के दिनों में सोने की कीमतों में अपेक्षाकृत शांति देखने को मिली है। जहां पहले सोना लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा था, वहीं अब कीमतों में कुछ नरमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक तनावों ने सोने की चाल को प्रभावित किया है। एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दुनिया के कई देशों द्वारा अपने अतिरिक्त डॉलर भंडार को पहले की तरह अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में निवेश करने के बजाय अन्य सुरक्षित विकल्पों की तलाश की जा रही है। सोना अभी भी एक प्रमुख सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन आर्थिक गतिविधियों में आई सुस्ती और बढ़े हुए ऊर्जा खर्च के कारण अतिरिक्त पूंजी का प्रवाह फिलहाल सीमित हो सकता है। इसी वजह से वर्ष 2026 में सोने ने संभवतः एक महत्वपूर्ण शीर्ष स्तर बना लिया है और निकट भविष्य में इसकी तेजी सीमित रह सकती है। हालांकि लंबी अवधि में केंद्रीय बैंकों और देशों की खरीदारी सोने को समर्थन देती रहेगी, लेकिन अल्पकाल में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
(शेयर मंथन, 03 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)