क्या गिरावट के बाद ईएमएस में निवेश का मौका बन रहा है?
ईएमएस (इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज) सेक्टर को लेकर निवेशकों के मन में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या इसमें आई तेजी के बाद अब वैल्यूएशन सही स्तर पर आ चुके हैं।
ईएमएस (इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज) सेक्टर को लेकर निवेशकों के मन में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या इसमें आई तेजी के बाद अब वैल्यूएशन सही स्तर पर आ चुके हैं।
आईटी सेक्टर को लेकर इस समय बाजार में जो सबसे बड़ा डर है, वह केवल वैश्विक नीतियों या वीजा नियमों से जुड़ा नहीं है।
शेयर बाजार में निवेश करते समय सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि आखिर किस शेयर को चुना जाए। लेकिन किसी एक व्यक्ति या विशेषज्ञ से सीधे “नाम” लेने के बजाय यह समझना ज्यादा जरूरी है कि सही शेयर तक पहुंचा कैसे जाए।
आरबीआई की नीतियों को लेकर बाजार में जो चिंता उभर रही है, उसका मूल कारण बढ़ती महँगाई और रुपये पर दबाव है।
एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें इरेडा (IREDA) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
अभिषेक कोठारी जानना चाहते हैं कि उन्हें अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cement) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
पिछले दो वर्षों में बाजार की चाल को लेकर निवेशकों के मन में एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या यह सिर्फ ठहराव (कंसोलिडेशन) है या फिर कमजोरी का संकेत।
आईटी सेक्टर में पिछले कुछ समय से जिस “बॉटमिंग आउट” की प्रक्रिया के संकेत मिल रहे थे, वह अब और स्पष्ट होती दिख रही है।
पिछले छह–सात हफ्तों से जिस अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव का बाजार पर दबाव बना हुआ था, उसमें अचानक एक सकारात्मक मोड़ देखने को मिला जब वैश्विक स्तर पर नरमी के संकेत आए।
हालिया बाजार परिस्थितियों में 23,700 से 24,000 के दायरे को एक महत्वपूर्ण रेंज के रूप में देखा जा रहा है, जहां निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में रणनीतिक बदलाव करने की जरूरत हो सकती है।
वैश्विक बाजारों की चाल को समझने में अक्सर यह देखा जाता है कि चार्ट पहले संकेत दे देते हैं, जबकि असली कारण बाद में सामने आते हैं।
बैंक निफ्टी के हालिया मूवमेंट पर नजर डालें तो पिछले सप्ताह बाजार का व्यवहार काफी हद तक अनिश्चित और सीमित दायरे में घूमता हुआ नजर आया।
मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में इस समय निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती किसी स्पष्ट ट्रेंड की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि उस ट्रेंड के पीछे के कारणों की गहरी अनिश्चितता है।
वैश्विक राजनीति और आर्थिक परिदृश्य इस समय एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है, जहां युद्ध, कूटनीति और बाजार- तीनों एक-दूसरे को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं।
वैश्विक बाजारों का रुख इस समय पूरी तरह अनिश्चितता और सट्टेबाज़ी के मिश्रण से संचालित होता दिख रहा है।
स्मॉल कैप और मिड कैप शेयरों में इस समय सबसे बड़ी समस्या किसी स्पष्ट ट्रेंड की कमी नहीं, बल्कि उस ट्रेंड के पीछे के कारणों की अनिश्चितता है।