शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार शानदार तेजी के साथ बंद, होली से पहले हरे रंग में रंगा बाजार

कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार की मजबूत शुरुआत हुई।

वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेतों का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। इस पूरे हफ्ते बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। वैश्विक संकेतों के मजबूत होने और रूस-यूक्रेन के बीच तनाव कम होने से भी बाजार में खरीदारी देखने को मिली। साथ ही बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से दोबारा खरीदारी देखने को मिली थी।
कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी 50 (Nifty 50) ने 17,175 का निचला स्तर जबकि 17,344 का ऊपरी स्तर छुआ। सेंसेक्स (Sensex) ने 57,518 का निचला स्तर और 58,095 का ऊपरी स्तर छुआ। निफ्टी बैंक ने 36,261 का निचला स्तर जबकि 36,611 का ऊपरी स्तर छुआ। सेंसेक्स (Sensex) 1047 अंक या 1.84% चढ़ कर 57,863, निफ्टी 50 (Nifty 50) 312 अंक या 1.84% चढ़ कर 17,287 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक (Nifty Bank) 680 अंक या 1.90% चढ़ कर 36,428 पर बंद हुआ।
इस हफ्ते निफ्टी 4%, सेंसेक्स 2% और मिडकैप इंडेक्स में 2.7% की तेजी देखी गई। निफ्टी फाइनेंस और निफ्टी ऑटो में इस हफ्ते 6% की तेजी देखी गई। वहीं निफ्टी बैंक में 5.5% और निफ्टी रियल्टी में 5% तक का उछाल देखने को मिला। इस हफ्ते निफ्टी के चढ़ने वाले शेयरों में टाइटन 8.5%, मारुति 8.5%, महिंद्रा एंड महिंद्रा 8% तक की तेजी देखी गई। इस हफ्ते निफ्टी के गिरने वाले शेयरों में हिंडाल्को 2%, कोल इंडिया 3.4% और ओएनजीसी (ONGC) 2.6% तक गिर कर बंद हुए।
इस हफ्ते बैंकिंग शेयरों में तेजी देखने को मिली। बंधन बैंक में जहां 15% तो ऐक्सिस बैंक में 7% तक की तेजी देखी गई।वहीं आईसीआईसीआई में 6% तो एसबीआई (SBI) में 7% तक का उछाल देखने को मिला। कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। आईएफबी इंडस्ट्रीज 14%, डिक्सन टेक 8% तो वोल्टास में 8% तक की तेजी देखी गई। इसके अलावा ब्रोकरेज शेयरों में एंजल वन 25% तक की तेजी दिखी गई।
चीन में 2022 के अब तक सबसे ज्यादा पल्प की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पेपर शेयरों पर भी देखने को मिला। आंध्रा पेपर 23% तो स्टार पेपर में 20% तक की तेजी देखी गई। इस हफ्ते सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में जुबिलेंट फूड 11% तो पेटीएम में 23% तक की गिरावट देखी गई। (शेयर मंथन, 17 मार्च 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख