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सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए जियो को मिला एलओआई

रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी जियो को सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए एलओआई (LoI) मिला है। जियो को यह एलओआई डीओटी (DoT) यानी डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन से मिला है।

 यह एलओआई रिलायंस जियो इंफोकॉम की सैटेलाइट इकाई को मिला है। पीटीआई के मुताबिक रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी जियो को सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए एलओआई (LoI) मिला है। जियो को यह एलओआई जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशन लिमिटेड को मिला है। हालाकि रिलायंस जियो की ओर से इस खबर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक जियो को लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) वैश्विक मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन यानी जीएमपीसीएस (GMPCS) के लिए मिला है जो सैटेलाइट सर्विस के जरिए संचालित होता है। कंपनी को मिले लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) के बाद अब जीएमपीसीएस लगाकर उसे संचालित कर सकती है। कंपनी लाइसेंस सर्विस क्षेत्र में अपना ऑपरेशन चला सकती है। कंपनी को यह लाइसेंस 20 साल की अवधि के लिए मिला है। यह अवधि उस दिन से माना जाएगा जिस दिन लाइसेंस के लिए जरुरी शर्तों को कंपनी पूरा कर देगी। जीएमपीसीएस सर्विस के तहत कंपनी सैटेलाइट के जरिए वॉयस और डाटा सर्विस देगी। मोबाइल सैटेलाइट नेटवर्क्स लो अर्थ ऑर्बिट (LEO), मीडियम अर्थ ऑर्बिट और जियोसिंक्रोनस (GEO) सैटेलाइट के जरिए ऑपरेट किया जा सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने देशभर में सैटेलाइट आधारित ब्रॉडबैंड सेवा देने का ऐलान किया था। इसके लिए उन्होंने एलन मस्क की स्पेसएक्स (SpaceX) और सुनील भारती मित्तल की कंपनी वनवेब (OneWeb) के सैटेलाइट आधारित ब्रॉडबैंड सेवा देने की रेस में शामिल किया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने लग्जमबर्ग आधारित एसईएस (SES) के साथ संयुक्त उपक्रम के गठन का ऐलान किया था ताकि भारत में सैटेलाइट आधारित ब्रॉडबैंड सेवा दी जा सके।

 

(शेयर मंथन 13 सितंबर, 2022)

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