फिर चल पड़ी गाड़ी?
राजीव रंजन झा
जब किसी गाड़ी का इंजन चालू होने में दिक्कतें दे रहा हो, तो आप आशा-निराशा के बीच झूलते रहते हैं। जब इंजन चालू होने जैसी आवाजें देता है तो आपकी उम्मीदें बढ़ जाती हैं। जब दो-चार झटके देकर इंजन शांत पड़ जाता है तो आपकी उम्मीदें भी ठंडी पड़ जाती हैं। कुछ यही हाल इस समय भारत के ऑटो क्षेत्र का है।
नवंबर-दिसंबर की बिक्री के आँकड़ों ने ऑटो क्षेत्र को बुरी तरह निराश किया था। अब जनवरी के आँकड़ों ने फिर से कुछ उम्मीदें जगा दी हैं। जनवरी में मारुति की घरेलू बिक्री साल-दर-साल 5.6% बढ़ी है, यह बीते नवंबर और दिसंबर की मासिक बिक्रियों से तो ज्यादा है ही। सबसे खास बात यह है कि कंपनी के 25 वर्षों के इतिहास में यह अब तक की सबसे ऊँची मासिक बिक्री है। इसे क्या कहेंगे – मंदी, धीमापन?
देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के दोपहिया वाहनों की बिक्री में जनवरी,2009 महीने में 34% की गिरावट दर्ज की गयी है। पिछले साल जनवरी के 1,67,593 इकाइयों के मुकाबले कंपनी इस जनवरी में 1,10,363 इकाइयां ही बेच सकी है। बजाज ऑटो की कुल बिक्री (दोपहिया और तिपहिया मिला कर) में 31% की गिरावट दर्ज की गयी है और यह पिछले साल जनवरी के 1,92,193 इकाइयों की तुलना में घट कर 1,32,348 रह गयी है। हालांकि कंपनी के वाहन निर्यात में 24% की वृद्धि हुई है।
मेतास इन्फ्रा के शेयरों में गिरावट का सिलसिला थम नहीं रहा है और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में भी इसने लोअर सर्किट छू लिया है। इस तरह यह अब तक लगातार सत्रह कारोबारी सत्रों में लोअर सर्किट छू चुका है। बीएसई में आज सोमवार के कारोबार में मेतास इन्फ्रा के शेयर का भाव करीब 5% गिर कर 70.30 रुपये तक चला गया। मेतास इन्फ्रा के शेयरों के लोअर सर्किट छूने का यह सिलसिला 7 जनवरी 2009 से शुरू हुआ था, जो लगातार अब तक चल रहा है।
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की घरेलू बिक्री में जनवरी महीने में 5.6% बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। जनवरी 2008 के 63,459 कारों की तुलना में जनवरी 2009 में कंपनी ने 67,005 कारें बेची हैं। जनवरी 2009 में इसने 4774 कारों का निर्यात किया है। कुल मिला कर जनवरी में कंपनी ने 71,779 कारों की बिक्री की है। हालाँकि इस दौरान घरेलू बाजार में मारुति सुजुकी की सी सेगमेंट कारों की बिक्री में 12.4% की गिरावट आयी है, लेकिन इसके लिए उत्साहजनक बात यह है कि ए-3 सेगमेंट कारों की बिक्री में 124.2% की बढ़त दर्ज की गयी है।