अबैकस एसेट मैनेजर का IPO आएगा OFS के साथ, 1.5 करोड़ शेयरों की होगी बिक्री
एसेट मैनेजमेंट कंपनी अबैकस एसेट मैनेजर लिमिटेड (Abakkus Asset Manager Limited) ने शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
एसेट मैनेजमेंट कंपनी अबैकस एसेट मैनेजर लिमिटेड (Abakkus Asset Manager Limited) ने शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
मारुति सुजुकी के शेयर में हालिया गिरावट के बीच करीब 12,000 रुपये का स्तर अहम नजर आ रहा है।
क्या FMCG सेक्टर की धीमी ग्रोथ को भारतीय अर्थव्यवस्था की कमजोरी का संकेत माना जा सकता है?
क्या HUL के शेयर में गिरावट के बाद करीब 1800 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकता है?
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि FMCG को अब ग्रोथ का प्रमुख पैमाना मानना सही नहीं होगा।
शेयर बाजार में टाइमेक्स जैसे वॉच सेगमेंट के शेयर पर चर्चा करते हुए बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि पिछले कुछ समय में वॉच इंडस्ट्री में वास्तविक मांग दिखाई देने लगी है।
NSDL के शेयर को लेकर 5 से 10 साल का नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए सवाल यह है कि मौजूदा कमजोरी के बावजूद क्या इसमें लंबी अवधि की कहानी मजबूत बनी हुई है?
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में आई गिरावट ने निवेशकों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शेयर ओवरसोल्ड हो चुका है और अब इसमें खरीदारी का मौका बन रहा है।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के शेयर में हाल की गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या मौजूदा स्तर पर इसमें निवेश का मौका बन रहा है।
बजाज फाइनेंस को लेकर बाजार विशेषज्ञ का मानना है कि लंबी अवधि में कंपनी के लिए भारत की बढ़ती क्रेडिट जरूरत एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है।
बजाज फाइनेंस के शेयर में 962 रुपये के आसपास खरीदारी करने वाले निवेशक के लिए सवाल है कि मौजूदा स्तर पर क्या करना चाहिए।
केपी एनर्जी के शेयर में लगातार गिरावट के बाद निवेशकों के सामने सवाल है कि करीब 210 रुपये के स्तर पर पहुंच चुके शेयर में और खरीदारी करनी चाहिए या फिलहाल इंतजार करना बेहतर होगा।
बाजार में लंबे समय से जारी उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या स्मॉलकैप और दूसरे शेयरों में अब पैसा कमाने का मौका मिलेगा या बाजार इसी तरह परेशान करता रहेगा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के लिए आने वाले समय में सबसे अहम मुद्दों में से एक उसके रेवेन्यू मॉडल का डायवर्सिफिकेशन है।
IT इंडेक्स में हालिया उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के सामने एक दिलचस्प स्थिति पैदा कर दी है।