कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की संकेत - एसएमसी
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,290 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 3,080 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,290 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 3,080 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं।
सर्राफा की कीमतों में तेजी रह सकती है। सोने की कीमतों में 51,400 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 53,100 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में 64,800 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 72,200 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है।
सोयाबीन वायदा (सितम्बर) की कीमतों को 3,600 रुपये के पास सहारा रहने की संभावना है जो इसका 200 दिनों सोयाबीन उत्पादक क्षेत्रों में कम बारिश के कारण कीमतों की गिरावट पर रोक लगी रह सकती है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ एक दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं डॉलर के कमजोर होने, एलएमई में भंडार में गिरावट और जुलाई में बेहतर औद्योगिक आँकड़ों के बाद चीन की ओर से माँग में रिकवरी होने से कीमतों को मदद मिल सकती है।
तेल की कीमतें 2,780-3,200 रुपये की एक बड़े दायरे में कारोबार करना जारी रख सकती हैं, जहाँ उच्च स्तर बिकवाली देखी जा सकती है, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी और बढ़ती आपूर्ति के कारण माँग में बढ़ोतरी को लेकर संदेह बना हुआ है।
सर्राफा की कीमतों की तेजी थम गयी है और 3 सप्ताह के बाद पहली साप्ताहिक गिरावट हुई है।
कॉटन वायदा (अगस्त) की कीमतों के 16,000-16,600 रुपये के दायरे में मजबूत होने की उम्मीद है।
हल्दी वायदा (सितम्बर) की कीमतों में 5,900 रुपये के पास बाधा के साथ 5,600-5,500 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में लगातार सातवें हफ्ते बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।
भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह सेंसेक्स ने 0.4% और निफ्टी ने लगभग 0.3% की गिरावट दर्ज की।
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार का दिग्गज सूचकांक डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।
कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के अहम सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गयी।
चार साल में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंडों में शुद्ध निवेश (नेट इन्फ्लो) नकारात्मक हो गया। इसके पीछे क्या कारण है?
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,290 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 3,080 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं।