शेयर मंथन में खोजें

बेस मेटल में बढ़त, जिंक को 300 रुपये के स्तर पर पहुँने की संभावना - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

बेस मेटल की कीमतें अधिक उठापटक के साथ कारोबार कर सकती है।

वैश्विक स्तर पर कोविड -19 वैरिएंट ओमाइक्रोन के बढ़ते संक्रमण और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मार्च के बाद से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना के कारण औद्योगिक धातुयें दबाव में आ सकती हैं। दरों में जल्द बढ़ोतरी वित्तीय बाजारों में तरलता को कम कर सकती है और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में रिकवरी को धीमा कर सकती है। लेकिन कम आपूर्ति और चीन में फोकस संपत्ति क्षेत्र में मंदी की चिंताओं से अधिक इन संकेतों की ओर बढ़ रहा है कि वे अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन और समर्थन प्रदान करने जा रहे हैं, जिससे कुछ औद्योगिक धातुये लाभान्वित होगी। शीर्ष धातु उपभोक्ता चीन का केंद्रीय बैंक आर्थिक विकास का समर्थन करने के लिए अधिक कदम उठाने के लिए तैयार है, जो एक रायटर सर्वेक्षण के अनुसार इस साल 5.2% तक कम किए जाने की उम्मीद है। तांबा की कीमतें 740-765 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। तांबा 740-765 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकता है। चीन के सीमा शुल्क के आँकड़ों के अनुसार चीन में 2021 में कच्चे तांबे और तांबे के उत्पादों का कुल आयात 5.53 मिलियन टन हुआ है जो 2020 के 6.68 मिलियन टन के रिकॉर्ड आयात से 17.2% कम है।

जिंक की कीमतें 282 रुपये के सहारा के साथ 300 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है। आपूर्ति को लेकर चिंता जारी रहने से एल्युमीनियम की कीमतें 225 रुपये के सहारा के साथ 242 रुपये तक बढ़ सकती है। यूरोप में बिजली की बढ़ती कीमतों के कारण अधिक ऊर्जा खपत वाले एल्युमीनियम के उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है। बैंक ऑफ अमेरिका का मानना है कि यूरोप की कुल 45 लाख टन एल्युमीनियम क्षमता में से अब तक लगभग 6,50,000 टन की कटौती की जा चुकी है, जबकि सीआरयू का अनुमान है कि 7,29,000 टन की कटौती हुई है। लेड की कीमतें 185-195 रुपये, निकल की कीमतें 1,590-1,670 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है। एलएमई और एसएचएफई दोनों गोदामों में कम भंडार और चीन में नीति में ढील की संभावना और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी उद्योग को आपूर्ति करने वाले निकल स्मेल्टरों की ओर मजबूत माँग के कारण निकल की कीमतों को मदद मिल सकती है। (शेयर मंथन, 17 जनवरी 2022)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख