बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का बाजारों में अधिक पैसा डालने के वादे, इस सप्ताह अमेरिकी प्रोत्साहन पैकेज की उम्मीद और चीन एवं अमेरिका के बेहतर आर्थिक आँकड़ों के कारण औद्योगिक धातुओं की कीमतों को मदद मिल सकती है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना है लेकिन उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली से इनकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि कीमतों में बहुत कम समय में तेजी से वृद्धि हुई है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ एक दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका से ठोस आर्थिक विकास के आँकड़ों के कारण बेस मेटल के लिए जोखिम सेंटीमेंट को बढ़ावा मिल सकते है जबकि यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के कारण माँग को चिंताओं और प्रमुख उपभोक्ता चीन में खपत में तेजी से बढ़ोतरी नहीं होने से बढ़त पर रोक लग सकती है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 607 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 615 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 655 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 660 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।
बेस मेटल की कीमतों में तेजी दर्ज की जा सकती है।
बेस मेटल की कीमतों के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। अमेरिकी कंज्यूमर कंफिडेंस के आँकड़ों से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
बेस मेटल की कीमतों में नरमी रहने की संभावना है। अमेरिकी शिकागो पीमएआई के आँकड़ो से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
बेस मेटल की कीमतों में नरमी रहने की संभावना है। अमेरिकी मैनुफेक्चरिंग पीमएआई के आँकड़ों से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
बेस मेटल की कीमतों में नरमी रहने की संभावना है।
बेस मेटल की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है।
बेस मेटल की कीमतों के एक दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 613 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 605 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।
तांबे की कीमतें 602 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 596 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।