अंतरराष्ट्रीय बाजार से सकारात्मक संकेत के कारण एमसीएक्स पर कॉटन वायदा (जून) की कीमतों में 24,500-24,600 रुपये तक बढ़त दर्ज की जा सकती है।
कॉटन वायदा (जुलाई) की कीमतों में 23,500 रुपये के नजदीक सहारा के साथ तेजी का रुझान रहने की संभावना है। कारोबारी घरेलू और विदेशों में भी बुवाई की प्रगति को करीब से देख रहे हैं।
एमसीएक्स पर कॉटन वायदा (जून) की कीमतों को 24,100 रुपये के पास रुकावट का सामना करना पड़ सकता है और कीमतों की बढ़त पर सीमित रह सकती है।
पिछले कुछ हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट हुई है, लेकिन मौजूदा स्तर पर कीमतों में कुछ स्थिरता रह सकती है।
धनिया वायदा (मई) में काफी अधिक खरीदारी हो चुकी है, इसलिए मौजूदा स्तरों पर नयी खरीदारी नहीं की जा सकती है।
2018 में सभी कमोडिटीज में नेचुरल गैस ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया और इसकी कीमतों में तेज उछाल दर्ज की गयी।
सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 2,810-2,860 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 2,820-2,880 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (नवंबर) की कीमतों में कल 3.4% से अधिक की गिरावट हुई है।
सोयाबीन (फरवरी) वायदा कीमतों में 3,650-3,680 रुपये तक तेजी का रुझान रहने की संभावना है।
नयी खरीदारी के कारण सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में कल 2.4% की बढ़त दर्ज की गयी। अब यदि कीमतें 5,920 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 6,250 रुपये तक बढ़त दर्ज की जा सकती है।
कारोबारियों की ओर से नयी खरीदारी के कारण सोयाबीन वायदा (नवंबर) की कीमतों में कल 3% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। अब कीमतें 5,300 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 5,700 रुपये तक बढ़त दर्ज कर सकती हैं।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।