रिगों की संख्या में बढ़ोतरी से लग सकती है नेचुरल गैस की कीमतों में वृद्धि पर रोक - एसएमसी

2018 में सभी कमोडिटीज में नेचुरल गैस ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया और इसकी कीमतों में तेज उछाल दर्ज की गयी।

2018 की पहली तीन तिमाहियों में नेचुरल गैस की कीमतें बिल्कुल शान्त रही और काफी कम दायरे में कारोबार किया, लेकिन अमेरिका में जाड़े का मौसम शुरू होते ही अधिकांश क्षेत्रों में कम तापमान के बाद घरों को गर्म रखने के लिए गैस की माँग में बढ़ोतरी होने और गैस भंडार कम होने से कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गयी। 2018 की अंतिम तिमाही के दौरान कीमतें 3 डॉलर के स्तर से 64% की उछाल दर्ज करते हुए 4.92 डॉलर से ऊपर पहुँच गयी। एमसीएक्स में भी कीमतें 219.70 रुपये के स्तर से लगभग 63% की जोरदार बढ़त दर्ज करते हुए 358.70 रुपये से उपर पहुंच गयी।
पिछले वर्ष में कम होते भंडार, पिछले कई वर्षो से कम कीमतों के कारण गैस की खोज और उत्पादन पर निवेश में कमी और अमेरिका में जाड़े के मौसम के थोड़ा पहले आ जाने से नेचुरल गैस की कीमतों को मदद मिली। ठंडे मौसम के कारण गैस की माँग में बढ़ोतरी के कारण हाल ही में कीमतों में तेजी दर्ज की गयी है। यही नहीं अमेरिका में एनर्जी की खपत को लेकर आमूल बदलाव के कारण भी गैस की कीमतों को मदद मिली है। अमेरिका में कोयला पर आधारित बिजली संयंत्रों को बंद कर दिया गया है और गैस आधारित संयंत्रों को शुरू किया गया है। गैस का निर्यात भी बढ़ रहा है। इसके अतिरिक्त जमा देने वाली ठंड के कारण ऑनशोर गैस उत्पादन बाधित भी हो जाता है। इन सभी कारणों से हाल के वर्षों में गैस की सप्लाई की अधिकता में कमी आनी शुरू हो गयी।
जब नेचुरल गैस की बात होती है तो इसकी कीमतों में बदलाव मौसम पर निर्भर करता है। जाड़े के दिनों में घरों को गर्म रखने के लिए गैस की मांग होती है, जबकि गर्मियों के दिनों में वातानुकूलन के लिए गैस की मांग होती है और दोनों ही मौसम के व्यस्ततम सीजन में गैस की मांग बढ़ती है। लेकिन जब बसंत का समय आता है तो गैस भंडार में बढ़ोतरी होती है और कीमतों की तेजी पर रोक लग जाती है। विभिन्न शेल बेसिनों से गैस के उत्पादन में भारी वृद्धि से कई वर्षों तक गैस की कीमतों पर दबाव पड़ा है।
2019 में केमिकल और ऊर्वरक उद्योग की ओर से नयी माँग के कारण नेचुरल गैस की मांग में वृद्धि होने की संभावना है। ईआईए के अनुसार 2019 में नेचुरल गैस का उत्पादन औसतन 89.6 बिलियन क्यूबिक फीट होने का अनुमान है। 2018 में गैस रिगों की संख्या में लगभग स्थिरता रही है और कुल मिलाकर 177-200 के दायरे में रही है। 2019 में गैस रिगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने पर कीमतों की बढ़त पर रोक लग सकती है।
एक ओर विश्व स्तर पर पर्यावरण संबंधी सख्त मानकों को देखते हुए स्वच्छ ऊर्जा के रूप में गैस के इस्तेमाल में बढ़ोतरी से कीमतों को मदद मिल सकती है। नेचुरल गैस की कम कीमतों में कोयले से उत्पादित बिजली की लागत में बढ़ोतरी होने से पिछले कुछ वर्षो में कोयले की तुलना में नेचुरल गैस की मांग में वृद्धि हुई है। दूसरी ओर शेल गैस उत्पादन में वृद्धि होने से अधिक आपूर्ति की चिंता के कारण 2019 में बढ़त सीमित रह सकती है।
इसके अतिरिक्त परमाणु उत्पादनों में अधिक कटौती जैसे अन्य कारकों के कारण भी नेचुरल गैस की खपत को मदद मिली है। दिसंबर 2018 में कुल 7700 मेगावाट के परमाणु बिजली उत्पादन को बंद कर दिया गया है। यद्यपि परमाणु बिजली उत्पादनों में कटौती का स्तर कम हो रहा है, लेकिन अभी भी ऐतिहासिक मानदंड से अधिक है, जिससे कीमतों को मदद मिली है।
2018 में संबद्ध गैस के माध्यम से नयी अमेरिकी गैस सप्लाई के सबसे बड़े स्त्रोत तेल उत्पादक कंपनियां थी। 2018 में संबद्ध गैस का उत्पादन 2014 में दर्ज पिछले रिकार्ड स्तर से 70% से भी अधिक हुआ है। इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद 2019 में ड्रिलिंग कम होगी और इसलिए अमेरिकी तेल उत्पादन में गिरावट होगी और अंततः तेल के साथ संबद्ध गैस का उत्पादन भी कम होगा। विश्व स्तर पर तेल और गैस की खोज के मामले में 2015 के बाद 2018 सर्वश्रेष्ठ वर्ष रहा है। गिनी, रूस और अमेरिका में तेल और गैस की खोज में अग्रणी स्थान पर हैं। तेल का बाइप्रॉडक्ट होने के कारण नेचुरल गैस का उत्पादन सस्ता होता है। लेकिन नेचुरल गैस के बढ़ते इस्तेमाल और तेल के कम होते उत्पादन के कारण अपनी विशिष्टताओं के आधार पर एक उत्पादित किया जाने वाला कमोडिटी बन गया है और उसी के अनुसार इसकी कीमत तय होती है। लेकिन शेल तेल क्रांति के बाद से इसे फिर से बाइप्रॉडक्ट का दर्जा दे दिया गया।
गैस के फैलाव से बचने के लिए, जिससे पर्यावरण को लेकर चिंता हो सकती है, तेल उत्पादकों को गैस बेचनी होती है। इससे गैस का उत्पादन बाधित होता है और भंडार कम होता है। भंडार के कम होने पर मौसम में थोड़े से बदलाव पर गैस की कीमतों में तेज उछाल दर्ज की जा सकती है, जैसा कि हाल ही दर्ज की गई है। अमेरिकी नेशनल वेदर सर्विस द्वारा मौसम या तापमान संबंधित अनुमान पर पैनी नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि अमेरिका के पूर्वी तटीय इलाकों में कड़ाके की ठंड और टेक्सास सहित दक्षिण एवं मध्य अमेरिका में ठंडी हवाओं की लहर से कीमतों में तेजी दर्ज की जा सकती है। अभी जनवरी और फरवरी में भारी ठंड के अनुमान से मध्यम अवधि में कीमतों में बढ़त जारी रह सकती है।
एसएमसी के अनुसार 2019 में एमसीएक्स में नेचुरल गैस की कीमतें 170-450 रुपये और नाइमेक्स में 2.6-6 डॉलर के दायरे में रह सकती हैं। (शेयर मंथन, 11 जनवरी 2019)

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