कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को आईटी और धातु शेयरों में कमजोरी से दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गयी।
बुधवार को बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे निफ्टी 11,050 के ऊपर बंद हुआ।
आईटी सेक्टर के ताज़ा तिमाही नतीजों पर शुरुआती बाजार प्रतिक्रिया काफी सीमित रही है। टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस जैसे दिग्गजों के नतीजे आ जाने के बावजूद निफ्टी आईटी इंडेक्स पिछले कुछ दिनों से एक सीमित दायरे में ही घूमता नजर आ रहा है।
आईटी शेयरों के लिए निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि आईटी शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
आईटी शेयरों में तेजी के बीच कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को बाजार में मजबूती दर्ज की गयी।
आईटी शेयरों में मजबूती से मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत हुई है।
आईटी सेक्टर में इस समय निवेशकों को “वेट एंड वॉच” की स्थिति अपनानी चाहिए। इंफोसिस और टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियां भी मौजूदा हालात में तुरंत इस गिरावट के साइकल से बाहर नहीं निकल पाएंगी। जब भी सेक्टर में समस्याएं शुरू होती हैं, तो उन्हें स्थिर होने में समय लगता है। आईटी शेयरों में निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए? जानें बाजार विश्लेषक का क्या कहना है?
आईटी इंडेक्स इस समय एक बेहद अहम मोड़, यानी इन्फ्लेक्शन पॉइंट, पर खड़ा हुआ है। मौजूदा परिदृश्य में 37,500 का स्तर आईटी इंडेक्स के लिए लक्ष्मण रेखा की तरह है।
बुधवार को एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस जैसे दिग्गजों ने बाजार को सहारा दिया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ बंद हुए।
Expert Jayant Rangnathan: अभी आईटी क्षेत्र के अनुकूल रुझान नहीं लग रहा है। ये क्षेत्र वैश्विक हालात से भी प्रभावित रहता है। अभी मुझे ऐसे कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, जिनके आधार पर निवेश की सलाह दी जा सके।
आईटी सेक्टर को लेकर इस समय निवेशकों के मन में गहरी चिंता और अनिश्चितता देखने को मिल रही है। एक तरफ वैश्विक तनाव, जियोपॉलिटिकल परिस्थितियां और वीजा से जुड़ी सख्त नीतियां कंपनियों की लागत बढ़ा रही हैं।
विजय सिंह जानना चाहते हैं कि उन्हें हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज (Hexaware Technologies) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
आईटी सेक्टर की बात करें तो हाल के दिनों में इसमें हल्की मजबूती जरूर देखने को मिली है, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह सेगमेंट अपना बॉटम बना चुका है।
आईटी सेक्टर में जारी कमजोरी के बीच टीसीएस जैसे दिग्गज शेयरों को लेकर निवेशकों के मन में असमंजस बना हुआ है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
भारतीय शेयर बाजार में आईटी सेक्टर पर दबाव बना हुआ है और हाल के कारोबारी सत्र में इसमें गिरावट देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स अब उन स्तरों के नीचे फिसलता दिख रहा है, जहां पहले सपोर्ट मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी।
आईटी सेक्टर इस समय बाजार का सबसे कमजोर पक्ष बना हुआ है। हाल के महीनों में इसमें काफी तेज गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या अब आईटी शेयर इतने सस्ते हो गए हैं कि खरीदे जाएं या फिर अभी भी इसमें जोखिम ज्यादा है।
एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें आईटी सेक्टर (Nifty IT) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ डील हो चुकी है और 18% की दर पर समझौता सामने आया है, जो अन्य देशों के मुकाबले बेहतर माना जा रहा है, तब भी बाजार ठंडा क्यों नजर आ रहा है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 के लिए चार साल के सबसे कम जीडीपी अनुमानों और विदेशी पूँजी के निरंतर बहिर्गमन के कारण बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी तीव्र गिरावट के बाद 23689 (0.1%) के स्तर पर सपाट बंद होने में सफल रहा।
निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें आईटी (IT Stocks) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
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आयकर अधिनियम (इनकम टैक्स ऐक्ट), 1961 की जगह आयकर अधिनियम 2025 ने ले ली है। इस नये कानून के नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।
मार्च के शुरुआती 3 सप्ताहों में भारतीय शेयर बाजार 8% से ज्यादा टूट चुका है। और यह गिरावट एक ऐसे युद्ध के चलते आयी है, जिसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है।