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वैश्विक संकेतों को नजरअंदाज करके भारतीय बाजार ने दिखायी बढ़त

भारतीय शेयर बाजार में आज वैश्विक संकेतों के विपरीत चाल दिखी और एशिया के ज्यादातर बाजारों में कमजोरी रहने के बावजूद भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ।

हालाँकि आज अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच भारतीय बाजार ने भी गिरावट के साथ ही शुरुआत की। लेकिन यह ज्यादा देर तक लाल निशान में नहीं रहा। करीब घंटे भर के कारोबार के बाद यह कमजोरी से उबर गया और उसके बाद सत्र के ज्यादातर हिस्से में सकारात्मक ही बना रहा। आखिरी घंटे में थोड़ा उतार-चढ़ाव नजर आया, मगर अंत में बाजार के प्रमुख सूचकांक दिन के ऊपरी स्तरों के पास ही हरे निशान में बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स (Sensex) 105.92 अंक या 0.42% की बढ़त के साथ 25,150.35 पर बंद हुआ। एनएसई के निफ्टी 50 (Nifty 50) ने सुबह के कारोबार में 7551 का निचला स्तर बनाया, मगर इसके बाद यह इस निचले स्तर की ओर नहीं लौटा। निफ्टी 50 अंत में 39.60 अंक या 0.52% की मजबूती के साथ 7,650.05 पर बंद हुआ।
छोटे-मँझोले शेयरों के सूचकांक भी बढ़त दर्ज करते नजर आये। बीएसई मिडकैप 0.66% ऊपर रहा, जबकि बीएसई स्मॉलकैप 0.40% की बढ़त पर बंद हुआ। एनएसई के निफ्टी मिडकैप 100 में 0.47% और निफ्टी स्मॉल 100 में 0.87% की मजबूती दर्ज हुई।
सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में हिंडाल्को, कोल इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा और टाटा स्टील सबसे तेज रहे। दूसरी ओर ऐक्सिस बैंक, टाटा मोटर्स, भारती एयरटेल, ओएनजीसी, एलऐंडटी और टीसीएस सबसे कमजोर नजर आये। (शेयर मंथन, 14 दिसंबर 2015)

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