शेयर मंथन में खोजें

शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : रिलायंस इंडस्ट्रीज, अंबुजा सीमेंट्स, ल्युपिन, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अल्ट्राटेक सीमेंट

खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, अंबुजा सीमेंट्स, ल्युपिन, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल हैं।

आज तिमाही नतीजे - ऐक्सिस बैंक, आरबीएल बैंक, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, सीएट, सीसीएल प्रोडक्ट्स, ग्रैन्यूल्स, एलिकॉन इंजीनियरिंग, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, हैटसन एग्रो, जुबिलेंट फूडवर्क्स, ज्योति लैब्स, कोटक महिंद्रा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल, ओरिएंट बैंक, रैलीज इंडिया और वेलस्पन कॉर्प
रिलायंस इंडस्ट्रीज - कंपनी का मुनाफा तिमाही दर तिमाही आधार पर 11.5% की बढ़ोतरी के साथ 11,262 करोड़ रुपये रहा।
अंबुजा सीमेंट्स - साल दर साल आधार पर कंपनी का तिमाही मुनाफा 31.3% की वृद्धि के साथ 234.6 करोड़ रुपये रहा।
एलऐंडटी टेक्नोलॉजीज - कंपनी का तिमाही मुनाफा 204 करोड़ रुपये के मुकाबले 205.8 करोड़ रुपये रहा।
ल्युपिन - कंपनी को एक नयी दवा के लिए यूएसएफडीए की मंजूरी मिली।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक - बैंक के तिमाही मुनाफे में 89% की बढ़ोतरी हुई।
हिमाचल फ्यूचरिस्टिक - कंपनी का तिमाही मुनाफा 49% की बढ़ोतरी के साथ 65 करोड़ रुपये रहा।
अदाणी ग्रीन एनर्जी - कंपनी ने कच्छ, गुजरात में 50 मेगावाट की पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता वाली नयी परियोजना का शुभारंभ किया है।
भारती एयरटेल - कंपनी और मोबाइल मनोरंजन की प्रमुख एंटरटेनमेंट कंपनी ऑनमोबाइल ग्लोबल के बीच करार हुआ है।
अल्ट्राटेक सीमेंट - 2018 की जुलाई-सितंबर तिमाही के मुकाबले 2019 की समान तिमाही में अल्ट्राटेक सीमेंट के मुनाफे में 72.3% बढ़ोतरी हुई। (शेयर मंथन, 22 अक्टूबर 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख