शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

हरे निशान में सपाट Gift Nifty, भारतीय बाजार में भी ठंडी शुरुआत के आसार

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (03 अगस्त) को कारोबार की सपाट शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 17 अंकों की तेजी नजर आ रही है और यह 0.09% के अंतर के साथ 19,517.5 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

हरे निशान में सपाट गिफ्ट निफ्टी, Sensex-Nifty में आज भी सतर्क कारोबार की आशंका

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार (13 दिसंबर) को कारोबार की सतर्क शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 3.00 अंकों की मामूली तेजी दिखायी दे रही है और ये 0.01% के अंतर के साथ हरे निशान में 24,546.00 के स्तर के आसपास नजर आ रहा है।

हरे निशान में सपाट गिफ्ट निफ्टी, Sensex-Nifty में भी हो सकती है धीमी शुरुआत

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार (28 जुलाई) को कारोबार की धीमी शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास हरे 3.5 अंकों की तेजी नजर आ रही है और यह 0.02% के अंतर के साथ 19,767.5 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

हरे निशान में सपाट गिफ्ट निफ्टी, Sensex-Nifty में तेजी के संकेत

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (07 सितंबर) को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत करने के आसार नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.15 बजे के आसपास 9.5 अंकों की तेजी नजर आ रही है और यह 0.05% के अंतर के साथ 19,634.5 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

हरे निशान में सपाट रहे सेंसेक्स और निफ्टी

कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख