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गिरावट से आकर्षक हुए बाजार, संपत्ति आवंटन का धर्म निभायें निवेशक : नीलेश शाह

भारतीय शेयर बाजार में आज आयी तीव्र गिरावट वैश्विक घटनाक्रम का परिणाम है। ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद के वर्तमान बाजार ट्रेंड पर कोटक महिंद्रा एएमसी के एमडी नीलेश शाह का कहना है कि टैरिफ युद्ध से उपजी अनिश्चितता का आकलन करने में बाजार असमर्थ है। ये आने वाले प्रत्येक खबर पर प्रतिक्रिया दे रहा है। 

देश की अर्थव्यवस्था विशाल और मजबूत, बाजार में ज्यादा दिन नहीं रहेगी अस्थिरता : ए बालासुब्रमण्यन

भारतीय शेयर बाजार में आयी आज की गिरावट कोरोना काल के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। इस बारे में आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के एमडी-सीईओ ए बालासुब्रमण्यन का कहना है कि भारतीय बाजार की हाल की गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक धारणा में आये बदलाव के कारण है, खासतौर से ट्रंप द्वारा टैरिफ घोषणाओं के बाद, जिससे व्यापार गतिशीलता और मुद्रास्फीति के बारे में अनिश्चितता बढ़ गयी है। ये घटनाक्रम वैश्विक विकास और आर्थिक स्थिरता पर चिंता उत्पन्न कर रहा है। 

घर पर रखते हैं कैश तो हो जायें सावधान! आयकर विभाग कर सकता है कार्रवाई

डिजिटल भुगतान का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने से आजकल नकद का कम इस्तेमाल हो रहा है। हालाँकि, बिजनेस करने वाले लोग कुछ हद तक अपने घरों में कैश रखते हैं और अपनी जरूरत के हिसाब से उसका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन घर पर कैश रखने को लेकर आयकर के नियम क्या कहते हैं?

शेयर बाजार में दिखा ब्लैक मंडे का साया, ट्रंप टैरिफ से दहले दुनियाभर के बाजार

भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार (07 अप्रैल) का दिन ‘ब्लैक मंडे’ साबित हुआ। कोविड 19 के बाद शेयर बाजार में आज इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई और एनएसई के संवेदी सूचकांक क्रमश: सेंसेक्स और निफ्टी जहाँ तकरीबन 5% की गिरावट के साथ खुले, वहीं गिफ्ट निफ्टी आज सुबह की पाली की शुरुआत 900 अंक या 3.6% के नुकसान के साथ की। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा पारस्परिक टैरिफ लागू करने की घोषणा के बाद दुनियाभर के बाजारों खून-खराबे जैसी स्थिति दिखायी दे रही है।

अब घर बैठे पूरी कर सकते हैं म्यूचुअल फंड की केवाईसी, बेहद आसान है तरीका

म्यूचुअल फंड में निवेश अब कोई नयी बात नहीं रह गयी है। हाल के समय में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। इसके लिए डीमैट खाता होना जरूरी नहीं है।म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए केवाईसी पूरी होना जरूरी है और अब यह काम कुछ आसान प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद घर बैठे ही हो जायेगा।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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