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मिश्रित वैश्विक कारणों और सुस्त तिमाही नतीजों से बाजार में रह सकती है नरमी : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक शुक्रवार (08 नवंबर) को सपाट खुला और  पूरे दिन 24100 और 24200 के स्तर के बीच दायरे में बंधा रहा। ये 51 अंकों (0.20%) के नुकसान के साथ 24148 के स्तर पर बंद हुआ। 

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 1.3% और 1.7% के नुकसान के साथ व्यापक बाजार का प्रदर्शन मंदा रहा। निफ्टी आईटी को छोड़ कर अन्य सभी क्षेत्रीय सूचकांक सपाट से नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। अमेरिकी फेड ने अनुमानों के अनुरूप अपनी बेंचमार्क देनदारी दर को 25 आधार अंकों से घटाकर 4.5% कर दिया। 

फेड प्रमुख पॉवेल ने कहा कि सितंबर में महँगाई दर नरम होकर 2.1% पर आने और आर्थिक वृद्धि भी स्वस्थ बने रहने के बावजूद केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती कर रहा है, क्योंकि मौद्रिक नीति अब भी सख्त बनी हुई है।

आर्थिक वृद्धि का समर्थन करने की कोशिश में चीन की नेशनल पीपुल्क कॉन्ग्रेस (एनपीसी) ने स्थानीय सरकारी कर्ज के 839 अरब डॉलर के पुनर्वित्तपोषण को मंजूरी दे दी है, जिससे 5 साल में ब्याज भुगतान में 600 अरब युआन की कमी लाने में मदद मिलेगी। हालाँकि यह अनुमान के विपरीत है और वैश्विक बाजारों को उत्साहित करने में असफल रहा।   

विदेशी निवेशक पिछले 29 दिनों से लगातार 2.41 लाख करोड़ रुपये तक की बिकवाली कर चुके हैं, जिससे निवेशक भावना को ठेस लग रही है। मिश्रित वैश्विक कारणों और सुस्त तिमाही नतीजों की वजह से बाजार में सुस्ती रह सकती है। हालाँकि, अगले हफ्ते घोषित होने वाले दूसरी तिमाही के नतीजों के अंतिम चरण में स्टॉक आधारित गतिविधि देखने को मिल सकती है।

(शेयर मंथन, 08 नवंबर 2024) 

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