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सेंसेक्स में 94 अंकों की गिरावट

भारतीय शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह से चल रहा गिरावट का क्रम जारी है, हालांकि आज इनमें दर्ज की गयी गिरावट ज्यादा बड़ी नहीं रही। दिन भर चले उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 94 अंक या 1% की कमजोरी के साथ 9,291 पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी 10 अंक या 0.38% की मामूली कमजोरी के साथ 2,800  पर बंद हुआ। हालांकि बाजारों में सप्ताह के पहले दिन के कारोबार की लगभग सपाट शुरुआत हुई, लेकिन दिन का कारोबार आगे बढ़ने के साथ बाजारों में गिरावट बढ़ती गयी। इस दौरान सेंसेक्स एक बार फिर 9,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ते हुए 8,957 के निचले स्तर पर पहुंच गया। लेकिन इसके बाद इन्होंने अच्छी वापसी की और बाजार सामान्य गिरावट के साथ बंद हुए। मंझोले शेयरों के सूचकांक सीएनएक्स मिडकैप में 2.63% की कमजोरी रही। बीएसई का स्मॉलकैप सूचकांक 2.75% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

भारतीय शेयर बाजार में लाली बरकरार

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का क्रम बना रहा और दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 151 अंक या 1.58% नीचे 9,385 पर बंद हुआ। एनएसई के निफ्टी सूचकांक में 38 अंकों या 1.34% की गिरावट रही और यह 2,810 पर बंद हुआ। मजबूत वैश्विक संकेत और कल जारी महँगाई दर के बेहतर आँकड़े भी इन्हें लुढ़कने से नहीं बचा सके। हालांकि बाजारों में दिन के कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई थी और एक समय सेंसेक्स बुधवार के बंद स्तर 9,536 से 263 अंक ऊपर 9,799 पर चला गया था। लेकिन यह अपनी मजबूती को बरकरार रखने में नाकामयाब रहा।

सिटी ग्रुप के 10,000 कर्मियों पर छंटनी की तलवार

ब्रिटिश टेलीकॉम के कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा किये जाने के बाद कामगारों के लिए एक और बुरी खबर यह है कि सिटी ग्रुप भी 10,000 और कर्मचारियों की छंटनी करने तैयारी में है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कंपनी सिटी ग्रुप में 10,000 और कर्मचारियों की छंटनी की योजना है। यह छंटनी सिटी ग्रुप के इनवेस्टमेंट बैंक और दूसरे डिवीजन्स में की जानी है।  अगर ऐसा हुआ तो सिटी ग्रुप द्वारा की गयी छंटनी का आंकड़ा साल 2008 में 23,000 तक पहुंच जायेगा।

गुरुवार को दूरसंचार क्षेत्र की कंपनी ब्रिटिश टेलीकॉम (बीटी) ने 10 हजार कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भारत में स्थित उसके कर्मचारियों की नौकरी पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस छंटनी से प्रभावित होने वाले ज्यादातर लोग ब्रिटिश हैं। देश के हिसाब से सही-सही आंकड़ा देना अभी संभव नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि भारत में लोगों को नहीं हटाया जा रहा है। लगभग 600 लोग भारत में बीटी की नौकरी करते हैं।

जर्मनी के बाद अब इटली में भी मंदी

यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी द्वारा आधिकारिक रूप से मंदी में पहुंचने की स्वीकारोक्ति के बाद अब इटली भी इसी राह पर आ गया है। इटली सरकार द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार, पिछली तिमाही  के तुलना में जुलाई-सितंबर तिमाही में इटली की जीडीपी 0.5% सिकुड़ गयी है। यदि पिछले साल की जुलाई-सितंबर तिमाही से तुलना करें, तो जीडीपी में 0.9% की कमी आयी है। इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही में भी इटली की जीडीपी में नकारात्मक विकास दर दर्ज की गयी थी।

एशियाई बाजारों में मजबूती, भारतीय बाजार कमजोर

गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में आयी भारी उछाल के बाद शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती दर्ज की गयी। चीन के शंघाई कंपोजिट सूचकांक में 3% से अधिक की उछाल रही। जापान का निक्केई 2.72% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में 2.43% की मजबूती रही। ताइवान वेटेड में भी  0.34% की हल्की बढ़त रही। अपवाद रहा दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जो नीचे की ओर लगभग सपाट बंद हुआ।   भारतीय समयानुसार 2.30 बजे बीएसई का सेंसेक्स लगभग 100 अंक नीचे चल रहा है। उधर यूरोपीय बाजारों में शुक्रवार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई है। इस समय एफटीएसई 100, कैक 40 और डैक्स सूचकांक 2.5-3.5% की बढ़त पर चल रहे हैं।

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