शेयर मंथन में खोजें

ब्रेकआउट के बाद आ सकती है रैली, स्‍टॉप लॉस के साथ अहम स्‍तरों के बीच करें खरीदारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक सोमवार (10 जून) को बेंचमार्क सूचकांक ने लगातार दूसरे दिन कोई विशेष सक्रियता नहीं दिखायी और इसी के साथ निफ्टी 6 अंक जोड़कर, जबकि सेंसेक्‍स 33 अंकों के नुकसान के साथ बंद हुए। 

क्षेत्रों में मीडिया सूचकांक में जहाँ 1.83% की उछाल आयी, वहीं फार्मा और एफएमसीजी स्‍टॉक में एकदिनी मुनाफावसूली देखने को मिली। तकनीकी तौर से शांत शुरुआत के बाद सूचकांक में सुस्‍ती दि‍खायी दी। छोटी अवधि की संरचना छोटी अवधि के कारोबारियों के लिए 23400/77000 के स्‍तरों पर प्रमुख प्रतिरोध दायरा बनने का संकेत दे रही है, जबकि 23200/76300 के स्‍तर अहम समर्थन दायरा बनेंगे। 

हमारा मानना है कि बाजार 23400/77000 के स्‍तर पर ब्रेकआउट के बाद 23500-23600/77300-77600 के स्‍तरों तक रैली करेंगे। दूसरी तरफ 23200/76300 के स्‍तर के नीचे सूचकांक 23050-23000/76000-75800 के स्‍तरों का रीटेस्‍ट कर सकते हैं। ऐसे में बंद भाव के आधार पर अनिवार्य रूप से 23000 के स्‍तर पर स्‍टॉप लॉस के साथ 23200 और 23100 के स्‍तरों के बीच खरीदारी की रणनीति अपनायी जा सकती है।  

(शेयर मंथन, 12 जून 2024)   

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख