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सन फार्मा के मोहाली इकाई को यूएसएफडीए से 6 आपत्तियां जारी

सन फार्मा ने एक्सचेंज को दी गई जानकारी में अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यानी यूएसएफडीए (USFDA) की ओर से की पंजाब के मोहाली स्थित इकाई की जांच की बात कही है।

 यूएसएफडीए ने इकाई की जांच 3 अगस्त से 12 अगस्त के दौरान की है। जांच के बाद अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर ने इकाई 6 आपत्तियों के साथ फॉर्म-483 जारी किया है। कंपनी यूएसएफडीए की ओर से जारी आपत्तियों का जवाब देने के लिए तैयारी कर रही है। कंपनी तय समय के भीतर आपत्तियों का जवाब देगी। कंपनी आपत्तियों का उचित तरीके से समाधान करेगी। कंपनी यूएसएफडीए के साथ मिलकर काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है। इसके अलावा कंपनी ने गुजरात के हलोल इकाई के बारे में भी जानकारी दी है। आपको बता दें कि यूएसएफडीए ने 10 मई को जांच के बाद हलोल इकाई को 10 आपत्तियों के साथ फॉर्म-483 जारी किया था। यूएसएफडीए ने 26 अप्रैल से 9 मई के दौरान इकाई की जांच की थी। यूएसएफडीए ने कंपनी की जांच को ओएआई (OAI) कैटेगरी यानी ऑफिशियली एक्शन इंडिकेटेड में डाला है। ओएआई कैटेगरी में डालने का मतलब यह होता है कि मौजूदा इकाई से अगर कंपनी ने किसी दवा की अर्जी मंजूरी के लिए दी होगी तो यूएसएफडीए इसे रोक सकता है जब कि आपत्तियां दूर नहीं हो जाती हैं। कंपनी मौजूदा उत्पादों का उत्पादन और बिक्री अमेरिकी बाजार में जारी रख सकती है। इसका मौजूदा कारोबार पर कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिलेगा। सन फार्मा यूएसएफडीए के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। साथ ही जल्द से जल्द आपत्तियों को दूर करने की दिशा में काम करेगी। कंपनी रेगुलेटर को किए गए समाधानों से आश्वस्त करेगी। कंपनी गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिंग प्रैक्टिस नियमों को पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही घरेलू के अलावा वैश्विक स्तर पर ग्राहकों के अलावा मरीजों को उच्च स्तर के दवा मुहैया कराने की दिशा में काम करते रहेगी।

(शेयर मंथन 16 अगस्त, 2022)

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