शेयर मंथन में खोजें

RIL के शेयरधारकों, लेनदारों ने वित्तीय सेवा शाखा के विलय को मंजूरी दी

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरधारकों और इसके सुरक्षित और असुरक्षित लेनदारों ने कंपनी के वित्तीय सेवा कारोबार, रिलायंस स्ट्रैटेजिक वेंचर्स (Reliance Strategic Ventures) के विघटन को मंजूरी दे दी है।

वित्तीय सेवा शाखा का नाम बदलकर अब जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Jio Financial Services Limited) कर दिया जाएगा। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि करीब 100% वोट विलय के पक्ष में पड़े।

बयान में कहा गया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों को मूल कंपनी में उनके द्वारा रखे गए प्रत्येक शेयर के बदले जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का एक शेयर मिलेगा। केवी कामथ डीमर्ज इकाई के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष होंगे, जिसके शेयर बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों में सूचीबद्ध होंगे।

आरआईएल ने अक्टूबर 2022 में वित्तीय सेवा इकाई के अलग होने को मंजूरी दी थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आज आरआईएल का शेयर 25.85 रुपये बढ़ कर 2445.95 रुपये हो गया और इसमें 1.07% की तेजी आयी। सुबह ये 2421.15 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान इसने 2452.85 रुपये के उच्च स्तर, जबकि 2414.60 रुपये निचले स्तर को छुआ। हालाँकि ये अब भी 52 हफ्तों के अपने सर्वोच्च स्तर 2817.35 रुपये से काफी नीचे है।

(शेयर मंथन, 04 मई 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख