शेयर मंथन में खोजें

वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा 66.7% बढ़ा

कोटक महिंद्रा ने पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के मुनाफे में करीब 66.7% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा 2071.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 3452.3 करोड़ रुपये हो गया है। स्टैंडअलोन आधार पर ब्याज से शुद्ध आय में 32.7% की बढ़ोतरी हुई है। ब्याज से शुद्ध आय 4697 करोड़ रुपये से बढ़कर 6233.7 करोड़ रुपये हो गया है।

 तिमाही आधार पर सकल एनपीए यानी ग्रॉस एनपीए (NPA) 1.78% से घटकर 1.77% दर्ज हुआ है। वहीं शुद्ध एनपीए 0.37% से बढ़कर 0.40% पर दर्ज हुआ है। वहीं शुद्ध ब्याज मार्जिन तिमाही आधार पर 5.75% से घटकर 5.57% हो गया है। तिमाही आधार पर प्रोविजन में 2.5 गुना की बढ़ोतरी हुई है। प्रोविजन 147.6 करोड़ रुपये से घटकर 364.3 करोड़ रुपये रह गया है। वहीं सालाना आधार पर प्रोविजन में 15.4 गुना की बढ़ोतरी हुई है और यह 23.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 364.3 करोड़ रुपये हो गया है। बैंक के नए एनपीए (NPA) में भी 16% की कमी देखने को मिली है। नए एनपीए 1435 करोड़ रुपये से घटकर 1205 करोड़ रुपये रह गया है।

बैंक का एडवांस 19 फीसदी बढ़कर 3.37 लाख करोड़ रुपये रहा है। बैंक को फी और सर्विसेज से होने वाली आय में 20% की बढ़ोतरी हुई है और यह 1528 करोड़ रुपये से बढ़कर 1827 करोड़ रुपये हो गया है। बैंक का ऑपरेटिंग मुनाफे 78% बढ़कर 4950 करोड़ रुपया हो गया है। बैंक के ग्राहकों की संख्या 3.45 करोड़ से बढ़कर 4.35 करोड़ रुपये हो गया है। औसत करेंट जमा 8% बढ़कर 55,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 59,431 करोड़ रुपये रहा है। वहीं औसत सेविंग जमा 1.21 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.19 करोड़ रुपये हो गया है। औसत टर्म जमा में 40% की बढ़ोतरी हुई है और यह 1.30 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.82 लाख करोड़ रुपये हो गया है।कासा (CASA) रेश्यो पहली तिमाही में 49% दर्ज हुआ है।

 

(शेयर मंथन, 23 जुलाई 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख