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कंपनियों की सुर्खियाँ

पहली तिमाही में टॉरेंट फार्मा का मुनाफा 7% बढ़ा

टॉरेंट फार्मा ने पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। पहली तिमाही मे कंपनी का मुनाफा 7% बढ़ा है। कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी का मुनाफा 354 करोड़ करोड़ रुपये से बढ़कर 378 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं कंपनी की आय में 10% की वृद्धि हुई है।

पहली तिमाही में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज का मुनाफा 35% बढ़ा

एफएमसीजी की दिग्गज कंपनी ब्रिटानिया ने पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 35% की बढ़ोतरी हुई है। मुनाफा 336 करोड़ रुपये से बढ़कर 455 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।

पेटीएम (Paytm) में विजय शेखर शर्मा की बढ़ेगी हिस्सेदारी, खबर से वन 97 का शेयर चहका

अपने पेटीएम ब्रांड नाम से प्रसिद्ध वन 97 कम्युनिकेशंस ने बताया है कि उसके संस्थापक, एमडी एवं सीईओ विजय शेखर शर्मा ने अब तक कंपनी में सबसे बड़े हिस्सेदार के रूप में मौजूद ऐंटफिन नीदरलैंड्स होल्डिंग बी.वी. से 10.30% शेयर खरीदने का समझौता किया है।

पहली तिमाही में गोदरेज कंज्यूमर का मुनाफा 7.6% गिरा

एफएमसीजी (FMCG) कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 7.6% की गिरावट देखी गई है। कंपनी का मुनाफा 345 करोड़ रुपये से घटकर 319 करोड़ रुपये रह गया है।

पहली तिमाही में भेल (BHEL) का घाटा 83.3% बढ़ा

पावर जेनरेशन उपकरण उत्पादन करने वाली कंपनी भेल (BHEL) ने पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के घाटे में 83.3% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का घाटा 192 करोड़ रुपये से बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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