हालांकि शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भारी उछाल आयी, लेकिन इसके बावजूद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। चीन के शंघाई कंपोजिट सूचकांक में 3.67% की कमजोरी रही, जबकि दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार का सूचकांक कॉस्पी 3.35% गिरने के बाद बंद हुआ। सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स सूचकांक में 2.5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गयी। हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में 1.59% की कमजोरी रही। ताइवान वेटेड, जकार्ता कंपोजिट और सेंसेक्स में हल्की गिरावट रही। उधर यूरोपीय बाजारों में सोमवार के कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई है।
भारतीय समयानुसार शाम 4.10 बजे एफटीएसई 100, कैक 40और डैक्स सूचकांक 3.5-4.5%की बढ़त पर चल रहे हैं।
अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।