सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती का रुख रहा, हालांकि चीन के शंघाई कंपोजिट सूचकांक में 2.44% की गिरावट दर्ज की गयी। जापान का निक्केई 1.66% की मजबूती दर्ज करने के बाद बंद हुआ। जहां हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में 2.48% की मजबूती रही, वहीं दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार का सूचकांक कॉस्पी 1.18% चढ़ने के बाद बंद हुआ। सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स सूचकांक में 1% की मजबूती दर्ज की गयी। जकार्ता कंपोजिट में 3.28% की बढ़त देखी गयी। ताइवान वेटेड सूचकांक लगभग सपाट बंद हुआ। उधर यूरोपीय बाजारों में शुक्रवार के कारोबार की मिली-जुली शुरुआत हुई है। भारतीय समयानुसार दोपहर 2.55 बजे एफटीएसई 100 में 0.4% की हल्की बढ़त है, जबकि कैक 40 और डैक्स सूचकांक में 0.2-0.5% की मामूली कमजोरी है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।