सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। हैंग सेंग, ताइवान वेटेड और शंघाई सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गयी, जबकि निक्केई, कॉस्पी और स्ट्रेट टाइम्स में गिरावट रही। चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक 1.25% की बढ़त दर्ज करने के बाद बंद हुआ। ताइवान वेटेड सूचकांक में 1.30% और हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में 1.59% की मजबूती रही। जापान के निक्केई में 1.35% की गिरावट रही, जबकि दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार का सूचकांक कॉस्पी 1.62% गिरने के बाद बंद हुआ। सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स सूचकांक में 2.44% की कमजोरी दर्ज की गयी। जकार्ता कंपोजिट में 1.48% की गिरावट देखी गयी। उधर यूरोपीय बाजारों में सोमवार के कारोबार की शुरुआत लाल निशान के साथ हुई है। भारतीय समयानुसार दोपहर 3.10 बजे एफटीएसई 100, कैक 40 और डैक्स सूचकांक में 1.5-2.5% की गिरावट है।
अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।