शेयर मंथन में खोजें

मध्य प्रदेश और गुजरात में मध्यम से भारी बारिश की उम्मीद - स्काईमेट (Skymet)

मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) ने अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश और गुजरात में मध्यम से भारी बारिश की उम्मीद जतायी है।

वहीं विदर्भ, कोंकण और गोवा, उत्तर-मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा एक दो स्थानों में भारी वर्षा की उम्मीद भी की जा सकती है। साथ ही मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर पंजाब, उत्तर छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों और तटीय कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
देश में पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज किया गया मौसम
पिछले 24 घंटों के दौरान तेलंगाना, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। वहीं ओडिशा, विदर्भ, बाकी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्व राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गयी। इसके अलावा केरल, कर्नाटक, कोंकण और गोवा, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्य, पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और शेष महाराष्ट्र में हल्की बारिश देखी गयी।
देश भर में बने मौसमी सिस्टम
इस समय पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में एक निम्न दबाव का क्षेत्र है। मानसून की अक्षीय रेखा उत्तर-पश्चिम पंजाब से हरियाणा, उत्तर मध्य प्रदेश, निम्न दबाव के केंद्र से बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। साथ ही तीन चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र मौजूद हैं, जो कि केंद्रीय जम्मू-कश्मीर, उत्तरी हरियाणा और दक्षिण गुजरात में है। (शेयर मंथन, 21 अगस्त 2018)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख