शेयर मंथन में खोजें

दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में बारिश की उम्मीद - स्काईमेट (Skymet)

मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) ने अगले 24 घंटों के दौरान दिल्ली, हरियाणा के कुछ हिस्सों, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में भारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद जतायी है।

वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम में कुछ स्थानों में भारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश बो सकती है। इसके अलावा कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
देश में पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज किया गया मौसम
पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश, गुजरात के कुछ हिस्सों, केंद्रीय उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम के कुछ स्थानों पर भारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। उधर गंगीय पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश देखी गयी। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों, उत्तरी केरल, तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा, सौराष्ट्र और बाकी मध्य प्रदेश के हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश देखी गयी।
देश भर में बने मौसमी सिस्टम
मॉनसून की अक्षीय रेखा पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से होकर फैली हुई है। पंजाब पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। पश्चिम केंद्रीय बंगाल की खाड़ी से दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक कमजोर ट्रफ रेखा फैली हुई है। (शेयर मंथन, 23 अगस्त 2018)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख