शेयर मंथन में खोजें

इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank) को 581.13 करोड़ रुपये का घाटा

वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में इलाहाबाद बैंक को 581.13 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।

पिछले साल की समान अवधि में बैंक को 202.63 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। इस अवधि में बैंक की आमदनी भी 6.71% घट कर 5,390.71 करोड़ रुपये हो गयी है। पिछले साल 2014-15 की अंतिम तिमाही में बैंक की आय 5,051.38 करोड़ रुपये रही थी। बैंक की शुद्ध ब्याज आय 12.57% घट कर 1,273.70 करोड़ रुपये हो गयी है। तिमाही दर तिमाही बैंक की शुद्ध ब्याज आय में 10.06% की गिरावट आयी है। वित्त वर्ष के अंत में बैंक को 743.31 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले कारोबारी साल के अंत में बैंक को 649.02 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। वित्त वर्ष के अंत में बैंक की कुल आय 21,712.13 करोड़ रुपये के मुकाबले 4.22% घट कर 20,795.07 करोड़ रुपये हो गयी है। बीएसई में शुक्रवार को इलाहाबाद बैंक के शेयर 0.90 रुपये या 1.69% की गिरावट के साथ 52.50 रुपये पर बंद हुए। दिन के कारोबार में यह 53.20 रुपये तक ऊपर गया जबकि नीचे की ओर यह 51.90 रुपये तक फिसला। (शेयर मंथन, 14 मई 2016)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख