प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया है कि उनके कार्यकाल में रोजगार के पर्याप्त मौके उत्पन्न नहीं किये जा सके और महँगाई को नियंत्रित नहीं किया जा सका।
उद्योग संगठन सीआईआई (CII) प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी से आश्वस्त है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बुरा वक्त पीछे छूट चुका है और सरकार द्वारा उठाये गये कदमों से विकास की दर में तेजी आयेगी।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।