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एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

कमजोर रुपया और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण गिरा बाजार

मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया नये रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गयी, जिससे बाजार में गिरावट आयी।

एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में मिला-जुला रुख

लगातार बढ़ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार तनाव के बीच मंगलवार को एशियाई बाजार शुरुआती सत्र में मिली-जुली स्थिति में हैं।

332 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी 11,600 के नीचे हुआ बंद

कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सत्र के आखरी घंटे में एफएमसीजी, ऑटो और बैंक शेयरों में तीखी बिकवाली के कारण बाजार में भारी गिरावट आयी।

एशियाई बाजारों में सप्ताह की कमजोर शुरुआत, 228 अंक फिसला हैंग-सेंग

अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव के कारण कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में कमजोर शुरुआत हुई है।

बीएसई (BSE) शुरू करेगा भारत-22 सूचकांक पर फ्यूचर ऐंड ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स

खबरों के अनुसार प्रमुख शेयर सूचकांक बीएसई (BSE) 03 सितंबर से भारत-22 सूचकांक पर फ्यूचर ऐंड ऑप्शन (एफऐंडओ) कॉन्ट्रैक्ट्स शुरू करने जा रहा है।

नकारात्मक वैश्विक रुझानों के बावजूद शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत

कारोबारी हफ्ते के आखरी दिन शुक्रवार को नकारात्मक वैश्विक रुझानों के बावजूद बाजार में मजबूत शुरुआत हुई है।

चीन पर नये अमेरिकी शुल्क की खबर से एशियाई बाजारों में कमजोरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन पर नये आयात शुल्क लगाये जाने के बयान का एशियाई बाजारों पर नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

लगातार दूसरे दिन लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी

गुरुवार को बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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