शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, विप्रो, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स और हैवेल्स इंडिया

आज गुरुवार के कारोबार में खबरों की वजह से जिन चुनिंदा शेयरों पर नजर रहेगी उनमें डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, विप्रो, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स और हैवेल्स इंडिया शामिल हैं।


डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज : कंपनी आज अपने तिमाही नतीजे घोषित करेगी।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन : सरकार ने कहा है कि इसने कंपनी की थोड़ी हिस्सेदारी बेच कर 230 करोड़ रुपये जुटाये हैं।
विप्रो : विप्रो ने एटिया के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है।
टाइटन : टाइटन की सहायक कंपनी टाइटन आईप्लस नोएडा और मुंबई में दो सेटेलाइट लेंस संयंत्रों का निर्माण करोगा।
कोटक महिंद्रा बैंक : कंपनी के लाभ में सालाना आधार पर 31.99% और तिमाही आधार पर 9.62% की बढ़त हुई है।
एशियन पेंट्स : एशियन पेंट्स का लाभ तिमाही आधार पर 4.54% कम हुआ है, मगर सालाना आधार पर इसमें 12.34% की बढ़त हुई है।
हैवेल्स इंडिया : कंपनी के लाभ में तिमाही आधार पर 203.46% और सालाना आधार पर 200.77% की बढ़त हुई है।
अपोलो टायर्स : कंपनी के लाभ में सालाना आधार पर 5.38% की गिरावट और तिमाही आधार पर 1.39% की बढ़त हुई है।
टीवीएस श्रीचक्र : टीवीएस श्रीचक्र के लाभ में तिमाही आधार पर 3.25% और सालाना आधार पर 12.96% की बढ़त हुई है।
क्विक हील : कंपनी का लाभ सालाना आधार पर 63.6% की बढ़त के साथ 37.8 करोड़ रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 12 मई 2016)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख