शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

बजाज ऑटो (Bajaj Auto) के तिमाही शुद्ध लाभ में हुई 36% बढ़ोतरी

प्रमुख दो और तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो (Bajaj Auto) के जनवरी-मार्च तिमाही मुनाफे में 36.32% की वृद्धि हुई है।

2017 की जनवरी-मार्च तिमाही में 862.25 करोड़ रुपये के मुकाबले 2018 की समान अवधि में बजाज ऑटो ने 1,175.47 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल किया। इस दौरान बजाज ऑटो की शुद्ध आमदनी 5,212.83 करोड़ रुपये से 29.93% बढ़त के साथ 6,77.30 करोड़ रुपये रही। इस दौरान बजाज ऑटो का एबिटा 1,056 करोड़ रुपये से 36% अधिक 1,431 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एबिटा मार्जिन 21.2% से हल्की गिरावट के साथ 20.9% रह गया।
गौरतलब है कि जानकारों के अनुमान से बेहतर रहे बजाज ऑटो के नतीजों पर इसकी बिक्री मात्रा का काफी असर पड़ा। कंपनी की चौथी तिमाही में कुल बिक्री 7,87,627 इकाई से 33% बढ़ कर 10,45,378 इकाई रही। इसमें बजाज ऑटो की घरेलू बिक्री 4,63,576 इकाई से 34% अधिक 6,19,816 इकाई और निर्यात 3,24,051 इकाई से 31% बढ़त के साथ 4,25,562 इकाई रहा।
बीएसई में बजाज ऑटो का शेयर 2,819.15 रुपये के पिछले बंद स्तर की तुलना में 2,844.00 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 2,942.05 रुपये के शिखर तक चढ़ा। मगर सवा 2 बजे के आस-पास इसमें गिरावट दर्ज की गयी। कारोबार बंद होने से कुछ ही मिनट पहले कंपनी के शेयरों में 42.95 रुपये या 1.52% की गिरावट के साथ 2,776.20 रुपये पर सौदे हो रहे हैं। (शेयर मंथन, 18 मई 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख