बाजार निचले स्तर से शानदार रिकवरी के साथ दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद
कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन बाजार निचले स्तर से शानदार रिकवरी के साथ बंद हुआ।
कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन बाजार निचले स्तर से शानदार रिकवरी के साथ बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित दायरे में रहने की संभावना है। कीमतों के 8,920-9,310 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
बेस मेटल की कीमतों में मिला-जुला रुझान रहने की संभावना है और उच्च स्तर से मुनाफा वसूली हो सकती है।
सर्राफा में मुनाफा वसूली होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 53,000 रुपये पर सहारा और 53,700 रुपये पर बाधा रह सकता है।
कॉटन वायदा (मार्च) की कीमतों में कल 0.5% की गिरावट हुई है। कीमतें 36,660 रुपये पर सहारा के साथ 37,300 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें कल 2.6% की गिरावट के साथ बंद हुई।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने आज अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में मंगलवार (08 मार्च) के एकदिनी कारोबार के लिए निफ्टी (Nifty), हिंडाल्को (Hindalco) के शेयर खरीदने और हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) के शेयर बेचने की सलाह दी है।
एयूएम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने मंगलवार (08 मार्च) के एकदिनी कारोबार के लिए द्वारीकेश शुगर (Dwarikesh Sugar), जी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment), इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (Indian Energy Exchange), ग्रेफाइट इंडिया (Graphite India) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।
लार्सन एंड टूब्रो की सब्सिडियरी कंपनी एलएंडी कंस्ट्र्क्शन ने एलएंडटी सूफिन (L&T SuFin) नाम से ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म बाजार में उतारा है।
टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल और ऐक्सिस बैंक ने रणनीतिक करार का ऐलान किया है।
बाजार साढ़े सात महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ।
जेएस डब्लू एनर्जी ने हरियाणा पावर परचेज सेंटर के साथ करार किया है।
यूक्रेन में युद्ध के कारण आपूर्ति में व्यवधन की चिंताओं और कम वैश्विक भंडार से बेस मेटल की कीमतों में तेजी का रुझान जारी रहने की संभावना है, जबकि पश्चिम यूक्रेन पर हमला करने के लिए पश्चिमी देश रूस पर कई प्रतिबंध लगा रहक है।
बेस मेटल की कीमतें अपने-अपने फंडामेंटल के आधार पर मिले-जुले रुपये के साथ कारोबार करना जारी रह सकती हैं।
तेल की कीमतें लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गयी है जो लगभग एक दशक में सबसे अधिक है, क्योंकि प्रतिबंधें के कारण रूसी तेल की बिक्री बाधित हो गयी है लेकिन ईरान परमाणु समझौते के फिर से लागू होने बढ़ती संभावनाओं से तेल की अतिरिक्त आपूर्ति बढ़ने की संभावना से कीमतों की तेजी पर कुछ रोक लगी।
जोखिम उठाने की क्षमता और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि के कारण सोने की कीमतें 52,000 रुपये के स्तर को पार करने के बाद फिर से फिसल गयी।