शेयर मंथन में खोजें

कॉटन में बढ़त, ग्वारसीड की कीमतों में गिरावट की संभावना - एसएमसी

माँग में बढ़ोतरी होने के कारण कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में शुक्रवार को 2.3% की बढ़ोतरी हुई है। अब कीमतें 30,070 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 31,600 रुपये स्तर तक पहुँच सकती है।

बाजारों में कपास की आवक सामान्य से कम है और मिलों के पास स्टॉक भी कम है। पिछले हफ्ते सीसीआई ने कपास की बिक्री की दरों में 800 रुपये प्रति कैंडी की कटौती की, जबकि उत्पादन पर चिंताओं और निर्यात के लिए कच्चे कपास की उच्च माँग के कारण मौजूदा कपास की कीमतें वर्ष-दर-वर्ष 55% अधिक हैं। वैश्विक स्तर पर कपास का शेष बचा स्टॉक भी कम है, जबकि चीन की ओर से आयात माँग अधिक बनी हुई है। 2021-22 में सीएआई ने कपास का उत्पादन पिछले साल की तुलना में 7 लाख गांठ बढ़ाकर 360.13 लाख गांठ होने का अनुमान लगाया है।
ग्वारसीड वायदा (दिसंबर) की कीमतें शुक्रवार को 1% की गिरावट हुई। नवंबर में, नये सीजन की आवक के कारण कीमतों में लगभग 17% की गिरावट हुई है, अब कीमतों में 5,900 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 5,200 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है। लेकिन कम उत्पादन, कई वर्षो में सबसे कम स्टॉक और अच्छी निर्यात माँग की उम्मीद पर अभी भी कीमतें वर्ष-दर-वर्ष 45% अधिक हैं। नये सीजन में ग्वारसीड की आवक घट सकती है क्योंकि कीमतें एक महीने के निचले स्तर पर आ गयी हैं। सितंबर में, ग्वारगम का निर्यात वर्ष-दर-वर्ष 30% बढ़कर 24,800 टन हो गया, जबकि 2021-22 (अप्रैल-सितंबर) में निर्यात वर्ष-दर-वर्ष 43% बढ़कर 1.58 लाख टन हो गया।
कैस्टरसीड वायदा (दिसंबर) की कीमतें शुक्रवार को 0.5% की बढ़त के साथ बंद हुई है। कीमतें 6,370 रुपये के स्तर पर सहारा और 6,480 रुपये के स्तर अड़चन के साथ एक दायरे में कारोबार कर सकती है। गुजरात में अधिक क्षेत्र के कारण, आने वाले सीजन में अधिक उत्पादन की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2021-22 के पहले 6 महीनों में कैस्टर मील का निर्यात वर्ष-दर-वर्ष 16% बढ़ा है, जबकि कैस्टर ऑयल का निर्यात जुलाई-अगस्त 2021 के लिए वर्ष-दर-वर्ष कम है लेकिन अप्रैल-अगस्त की अवधि के लिए अधिक है। (शेयर मंथन, 06 दिसंबर 2021)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख